Site icon Samagra Bharat News website

क्या है बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी और क्या होगा इसका फायदा?

If you are also planning to buy an electric vehicle, then there is good news for you. To promote electric vehicles in the budget

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 फरवरी। अगर आप भी इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक अहम घोषणा की गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी  का ऐलान किया। जैसे बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के नाम से ही प्रतीत होता है- बैटरी की अदला-बदली… इस पॉलिसी का मुख्य रूप से फायदा यह होगा कि, इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी को चार्ज करने का झंझट पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। क्योंकि इस पॉलिसी के तहत बैटरी चेंज करने की छूट मिलेगी। यानी की चार्जिंग स्टेशन पर जाकर डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज करने के बजाय आप फुल चार्ज बैटरी ले सकते हैं। दरअसल पिछले लंबे समय से सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। वहीं इस बजट में बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के ऐलान के पीछे इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देना ही मुख्य मकसद है।

2030 तक सभी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य

सरकार ने साल 2030 तक सभी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा है। वहीं इसी के मद्देनजर कई कदम भी उठाए गए हैं, जिससे ना केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा मिले जबकि इसकी डिमांड में भी इजाफा हो. सरकार के इस फैसले का इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिमांड पर क्या असर होगा, उससे पहले जानते हैं बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी क्या है।

बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी को ऐसे समझें

बैटरी स्वैपिंग यानी बैटरी की अदला-बदली करना… पहले आपके पास बैटरी डिस्चार्ज होने पर उसे चार्ज करने का विकल्प था। लेकिन बजट में बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी का ऐलान होने के बाद अब अगर आप इलेक्ट्रिक गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं और आपकी गाड़ी की बैटरी डिस्चार्ज हो गई है। तो ऐसी स्थिति में आप इसे बदल सकते हैं। यानी की जो भी बैटरी फुली चार्ज है। उससे रिप्लेस किया जा सकता है। कई दफा समय की कमी के चलते चार्जिंग स्टेशन पर जाकर बैटरी चार्ज करना मुमकिन नहीं हो पाता। इस पॉलिसी के बाद यह झंझट भी खत्म हो जाएगी।

बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी का क्या फायदा होगा?

बैटरी रिप्लेस करना यानी की बैटरी अब गाड़ी का एक अलग हिस्सा हो जाएगी। ऐसे में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतों में भी कमी आएगी। बेशक पिछले लंबे समय से इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए तमाम कदम उठाया जा रहा हो। लेकिन डिमांड में अच्छे बूस्ट मिलने की उम्मीद अब भी बरकरार है। दरअसल इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमत काफी ज्यादा होने के चलते लोग इसे खरीदने से पीछे हट रहे हैं. वो लोग भी कदम नहीं बढ़ा रहे हैं, जो इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदना चाहते हैं। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में लीमिटिड चार्जिंग स्टेशन का होना भी इसके पीछे की अहम वजह है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि, बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के बाद चीजें आसान हो जाएगी।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतों में कमी आएगी

जैसा की बताया गया है कि इस फैसले से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतों में कमी आएगी। ऐसे में डिमांड बढ़ना भी लाजमी है। क्योंकि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से छुटकारा पाने के लिए लोग इसे एक अच्छे विकल्प के तौर पर देखेंगे। इसलिए बजट भाषण में पॉलिसी का ऐलान करते समय यह बात भी कही गई थी कि इससे पेट्रोल डीजल पर निर्भरता कम होगी।

Exit mobile version