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मप्रः भाजपा विधायक की पत्नी ने सुनाई आपबीती, निजी जीवन को लेकर लगाए गंभीर आरोप

BJP MLA's daughter-in-law has told the pain of her married life, Neetu said about her husband that he pretends to work for women for politics

समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 4 फरवरी। बीजेपी विधायक की बहु ने अपने व्यवाहिक जीवन का दर्द बयां किया है, नीतू ने अपने पति के बारे में कहा कि वो राजनीति के लिए महिलाओं के लिए काम करने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में उनके मन में महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है, वो बस उन्हें भोग की वस्तु समझते हैं। उन्होंने अपने आपबीती बताई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी|

अदालत में लड़ रही तलाक का केस

उन्होंने बताया कि मेरा नाम नीतू सिंह ठाकुर है। मैं मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर से बीजेपी विधायक जालम सिंह पटेल के अपराधी बेटे की पत्नी हूं। अब मैं अकेले दिल्ली में रहकर नौकरी करती हूं और अदालत में तलाक के लिए लड़ रही हूं। 2016 में शादी के लिए आया रिश्ता मैं बहुत हिम्मत करके अपनी कहानी कह रही हूं।

साल 2016 में आया शादी का रिश्ता

साल 2016 में जब इस राजनीतिक परिवार से मेरे लिए रिश्ता आया, तब मेरी उम्र 26 साल थी। मेरे पिता भी राजनीति में थे। मैं मिलने के लिए तैयार हो गई। लेकिन पहली मुलाकात के बाद ही मैंने कह दिया कि मुझे ये शादी नहीं करनी है। शादी के लिए डाला गया दवाब नीतू सिंह ठाकुर ने कहा कि मुझ पर हर तरह का दबाव डाला गया। मुझे बताया गया कि वो सिगरेट या शराब नहीं पीते हैं और जो मुकदमे हैं, वो राजनीति से प्रेरित हैं। मुझे शादी के बाद ये पता चला कि मेरे पति पर 45 आपराधिक मुकदमे हैं जिनमें हत्या और हत्या के प्रयास जैसे आरोप शामिल हैं।

शादी से पहले जबरदस्ती की कोशिश

पीड़िता ने कहा कि मेरे हर सवाल पर इतना ही कहा जाता-राजनीति की वजह से ये सब करना पड़ता है। कई लोग हैं, जो नहीं चाहेंगे कि ये शादी हो। हम नहीं चाहते कि ये रिश्ता टूटे। उसी समय उन्होंने मेरा मोबाइल नंबर बंद करा दिया और मुझे नया नंबर दिया। रोज मुझसे यही कहा जाता कि आपने किसी को इस रिश्ते के बारे में बताया तो नहीं। एंगेजमेंट से एक दिन पहले हमारे रिश्तेदारों को बताया गया। शादी से पहले मैं एक बार उनसे भोपाल में मिली थी। तब भी उन्होंने जबरदस्ती करने की कोशिश की।

मेरे कहीं भी आने-जाने पर रोक लगा दी गई

मेरा रिश्ता ही तय हुआ था, लेकिन उन्होंने मेरे कहीं भी आने-जाने पर रोक लगा दी। किसी से भी मिलने से मना कर दिया। मुझ पर नजर रखी जाने लगी। अगर मैंने फोन पर किसी से बात की तो उसकी डीटेल निकाल ली जाती थी और फिर सवाल किया जाता कि मैंने क्यों और क्या बात की। वो मेरे फोन कॉल पर नजर रख रहे थे।

फेसबुक पर अकेले फोटो डालने से किया मना

एंगेजमेंट से पहले तक मैं सोशल मीडिया पर नहीं थी। इन्होंने मेरी फेसबुक आईडी बनाई और अपने साथ मेरी तस्वीरें लगाईं। मुझसे कहा कि मैं कभी भी अकेले तस्वीर पोस्ट ना करूं। इसी बीच इनकी एक गर्लफ्रेंड ने फेसबुक मैसेंजर के जरिए मुझसे संपर्क किया। भद्दी भाषा में मुझसे बात की और कहा कि जिससे तेरी शादी हो रही है वो तुझे पत्नी मानता ही नहीं है। वो मेरा है और मेरा ही रहेगा। मैंने उनसे बात की तो उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत से लोग हैं, जो नहीं चाहते कि ये रिश्ता रहे। इसके बाद उन्होंने मेरा फेसबुक भी बंद कर दिया।

शादी के बाद भी है गर्लफ्रेंड

शादी के बाद गए गैर्लफ्रेंड से मिलने नीतू सिंह ठाकुर ने बताया कि शादी के दस दिन बाद ये मुझे मायके छोड़ने के बाद अपनी गर्लफ्रेंड्स से मिलने के लिए भोपाल चले गए। हमारे बीच बहुत बात नहीं हो रही थी। मैं समझ नहीं पा रही थी कि शादी के दस दिन बाद ही उन्होंने मुझसे बात करना क्यों बंद कर दिया है। लेकिन सच ये था कि वो अपनी गर्लफ्रेंड्स के साथ थे और उनके पास मेरे लिए समय ही नहीं था। जब मैं दोबारा ससुराल रहने गई तो सबकुछ मुझे बहुत अजीब लगा। मेरे पति पूरा दिन सोते, शाम को उठते, दफ्तर जाकर दारू पीते और लेट नाइट घर आते और सुबह तक जागते। मैं दो घंटे भी नहीं सो पा रही थी। रात में मुझे उनके साथ जागना पड़ता और दिन में परिवार के साथ। जब तक ये गहरी नींद में ना सो जाएं, मुझे झपकी लेने की भी परमिशन नहीं थी।

मेरी बैकबोन में इंजेक्शन दिया गया

उन्होंने आगे बताया कि मेरी बैकबोन में इंजेक्शन दिया गया, इसकी वजह से मैं दो महीनों तक बैठ नहीं पाई। ये सब शादी के चार महीनों के भीतर हुआ। मुझे दिल्ली के एक साइकाइट्रिस्ट के पास ले जाया गया था, लेकिन उससे भी मैं अकेले बात नहीं कर पाई थी। कई लड़कियों के साथ बनाते थे संबंध पीड़िता ने बताय कि ये बाहर से दूसरी लड़कियों के साथ फिजिकल होकर आते और फिर घर में मेरे साथ रिश्ते बनाते। इससे मुझे इंफेक्शन हो गया। डॉक्टर ने कहा कि अब मैं 6 महीनों तक कंसीव नहीं कर पाऊंगी। डर मेरे भीतर तक बैठ गया था। मैं अचानक सोकर उठ जाती थी। मुझे पता नहीं चल पा रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है।

फोन के एसएमएस का भी खुद ही देते थे जवाब

हमारे बीच संबंध सिर्फ शारीरिक थे। वो भी जबरदस्ती के। अपनी मर्दाना कमजोरी का गुस्सा वो मेरे जिस्म पर निकालते। मैं खुश थी या नहीं, इसकी उन्हें कोई परवाह नहीं थी। मैं साल भर उनके साथ रही, उन्होंने एक बार भी मेरी आंखों में नहीं देखा। सास कहती थी एडजस्ट करो मेरा फोन भी उन्होंने ले लिया था। कभी किसी का मैसेज आता तो वही जवाब देते। मैं जब भी अपनी सास से उनके व्यवहार के बारे में बात करती तो वो यही कहतीं- तुम उसे समझो और उसके साथ एडजस्ट करो।

शादी के छह-सात महीनों तक मैंने एडजस्ट करने की कोशिश की

शादी के छह-सात महीनों तक मैंने एडजस्ट करने की कोशिश की। कई बार की गई मार-पीट मैं बहुत बीमार रहने लगी। अवसाद मुझ पर हावी होता जा रहा था। मुझ पर बच्चा पैदा करने का दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन जब तक मेरे रिश्ते पति से बेहतर ना हों, मैं इसे और आगे बढ़ाना नहीं चाह रही थी। धीरे-धीरे इनकी दूसरी गर्लफ्रेंड्स ने मुझसे संपर्क करना शुरू किया। हर बार जब ऐसा हुआ तो मुझे बहुत मारा-पीटा गया। किसी ने भी मेरा पक्ष लेने की कोशिश नहीं की। इनसे जुड़ी लड़कियों की फहरिस्त इतनी लंबी है कि यहां बयां नहीं की जा सकती। मेरे फोन में हजारों तस्वीरें हैं, जिनमें ये अपनी अलग-अलग गर्लफ्रेंड के साथ हैं।

 

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