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सीटों पर सपा और अपना दल (कमेरावादी) में रार, अब अखिलेश के पाले में गेंद

In which SP leaders backtracked from the earlier talks regarding seat-sharing. Gagan Prakash says that SP chief Akhilesh Yadav should be

 समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 6 फरवरी। समाजवादी पार्टी और कृष्णा पटेल की अगुवाई वाले अपना दल (कमेरावादी) के बीच चुनावी गठजोड़ में दरार आ गई है। सीटों को लेकर दोनों दलों के बीच हुई शनिवार की शाम को हुई बातचीत बेनतीजा रही। इस बातचीत के बाद अद (कमेरावादी) के नेता दूसरे विकल्पों पर भी विचार करने लगे हैं। हालांकि उनकी उम्मीदें अभी सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर टिकी हैं।

अखिलेश से की गई हस्तक्षेप की मांग

अपना दल (कमेरावादी) के प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता गगन प्रकाश यादव ने बताया है कि शनिवार की शाम को सपा की तरफ से बातचीत के लिए अधिकृत एमएलसी ठा. उदयवीर सिंह और अद (कमेरावादी) के राष्ट्रीय महासचिव पंकज निरंजन के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत हुई। जिसमें सपा नेता सीटों के बंटवारे को लेकर पूर्व में हुई बातों से पीछे हट गए। गगन प्रकाश का कहना है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

प्रयागराज (पश्चिम) से सपा प्रत्याशी दिए जाने से बढ़ा विवाद

सपा द्वारा दो दिन पूर्व जारी प्रत्याशियों की सूची में प्रयागराज (पश्चिम) से प्रत्याशी की घोषणा कर दिए जाने के बाद से ही बात बिगड़ने लगी थी। अद (कमेरावादी) ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए सपा द्वारा दी गई सभी सीटों को वापस कर दिए जाने की बात कही थी। अद (कमेरावादी) का संगठनात्मक ढांचा पूर्वांचल और बुंदेलखंड में है। वाराणसी और प्रयागराज मंडल में पार्टी के पास ठीकठाक जनाधार है। ऐसी स्थिति में गठबंधन टूटने की स्थिति में इन क्षेत्रों में सपा को कुर्मी मतों को अपने साथ जोड़े रखने में दिक्कतें आ सकती हैं।

कुल सात सीटें मिलने की जताई थी संभावना

बता दें कि बीते 29 जनवरी को अद (कमेरावादी) ने प्रेसवार्ता कर गठबंधन के तहत सात सीटें मिल जाने और कुछ अन्य सीटों के बाद में मिलने की जानकारी दी थी। इन सात सीटों में वाराणसी जिले की पिंडरा और रोहनिया, जौनपुर जिले की मड़ियाहूं, मिर्जापुर जिले की मड़िहान, सोनभद्र जिले की घोरावल, प्रतापगढ़ जिले की सदर सीट तथा प्रयागराज जिले की शहर पश्चिम सीट शामिल थी।

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