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उप्र चुनावः गरीबों का विकास नहीं हुआ, केवल तिजोरियां भरी गईः मोदी

Due to bad weather, PM Modi could not go to Bijnor to address the first physical rally for the UP assembly elections.

समग्र समाचार सेवा
बिजनौर, 7 फरवरी। खराब मौसम की वजह से यूपी विधानसभा चुनाव के लिए पहली फिजिकल रैली को संबोधित करने के लिए बिजनौर नहीं जा सके पीएम मोदी ने वर्चुअल माध्यम से जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने दुष्यंत कुमार की कविता के जरिए समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन्हें गरीबों के विकास की प्यास नहीं बुझाई, बल्कि अपनी तिजोरियों की प्यास बुझाते रहे।

दुष्यंत कुमार की दो लाइनों का दिया हवाला

पीएम मोदी ने कहा, ”मैं अपनी बात की शुरुआत यहीं (पश्चिमी यूपी) के कवि दुष्यंत कुमार की दो लाइनों से करूंगा। उन्होंने कहा था ‘यहां तक आते आते, सूख जाती हैं कई नदियां, मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा।’ 2017 से पहले यूपी में भी विकास की नदी का पानी ठहरा हुआ था। यह पानी नकली समाजवादियों के परिवार में उनके करीबियों में ठहरा हुआ था। इन लोगों को सामान्य जनता की विकास की प्यास से, गरीबी से मुक्त होने की प्यास से कभी कोई मतलब नहीं रहा। वे सिर्फ अपनी प्यास बुझाते रहे।”

गरीबों का घर व राशन सब चट कर लिया गया

पीएम मोदी ने कहा, ”ये अपने करीबियों की प्यास बुझाते रहे। अपनी तिजोरियों की प्यास बुझाते रहे। बस अपना स्वार्थ्य सोचने वाली यह प्यास विकास की नदी के हर बहाव को सोख लेती है। अपना घर भर लेने की यही प्यास गरीबों को घर नहीं देने देती थी। अपनी जेब भर लेने की प्यास गरीब का राशन चट कर लेती थी। प्रॉजेक्ट लटकाने की प्यास से लालफीताशाही-लेटलतीफी को ताकत मिलती थी।”

योगी सरकार के कामकाज को जमकर सराहा

पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी सरकार बिना किसी भेदभाव के गरीबों की मदद कर रही है। पीएम ने कहा, ”बीजेपी की सरकार में भाई-भतीजावाद और तुष्टिकरण की कोई जगह नहीं है। जब पीएम आवास योजना में घर मिलता है तो हर गरीब को  मिलाता है, उसकी जाति पंथ और क्षेत्र नहीं देखा जाता।

उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन मिलता है

प्रधनमंत्री ने आगे कहा कि उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन मिलता है तो मां-बहनों की ना जाति पूछी जाति है और ना पंथ। जब मुफ्त राशन मिलता है तो किसी की जाति किसी की बिरादरी, यह किसका बेटा है, किसी से नहीं पूछा जाता। जब गन्ना किसान का भुगतान किया जाता है, सिंचाई का पानी मिलता है तो सबको बराबरी से मिलता है।”

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