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सांसदों, विधायकों के खिलाफ मामलों की त्वरित सुनवाई होगी! न्यायालय कर रहा विचार

Supreme Court to request for speedy trial of criminal cases against MPs and MLAs and speedy investigation in these cases.

समग्र समाचार सेव

नई दिल्ली, 9 फरवरी। उच्चतम न्यायालय सांसदों एवं विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की शीघ्र सुनवाई और इन मामलों में तेज गति से जांच कराए जाने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका शीघ्र सूचीबद्ध करने के आग्रह पर विचार करने के लिए बुधवार को सहमत हो गया। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता और न्याय मित्र विजय हंसारिया के इस अभ्यावेदन पर गौर किया कि याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की आवश्यकता है।

लंबित मामलों से जुड़ी नवीनतम रिपोर्ट अदालत को सौंपी गई

हंसारिया ने कहा कि मौजूदा और पूर्व सांसदों, विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों के खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी देते हुए एक नवीनतम रिपोर्ट अदालत को सौंपी गई है तथा लंबित आपराधिक मामलों के तेजी से निपटारे के लिए तत्काल एवं कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

इस पर पीठ ने कहा, ‘‘हम देखेंगे।’’

रिपोर्ट के अनुसार, सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के खिलाफ कुल 4,984 मामले लंबित हैं, जिनमें 1,899 मामले पांच वर्ष से अधिक पुराने हैं। इसमें बताया गया है कि दिसंबर 2018 तक कुल लंबित मामले 4,110 थे और अक्टूबर 2020 तक ये 4,859 थे।

विधायकों के खिलाफ लगातार बढ़ें हैं मामले

अधिवक्ता स्नेहा कलिता के माध्यम से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘चार दिसंबर 2018 के बाद 2,775 मामलों के निस्तारण के बावजूद सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामले 4,122 से बढ़ कर 4984 हो गये। इससे पता चलता है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले और भी अधिक लोग संसद और राज्य विधानसभाओं में पहुंच रहे हैं। यह अत्यधिक आवश्यक है कि लंबित आपराधिक मामलों के तेजी से निस्तारण के लिए तत्काल और कठोर कदम उठाए जाएं।’’

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