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एक महीने में 12 पत्रकारों की हत्या, पीईसी ने मांगा न्याय

The killings of journalists every day around the world are tarnishing democracy. A record 12 journalists have been killed worldwide in the

समग्र समाचार सेवा

जिनेवा, 12 फरवरी। दुनियाभर में आए दिन पत्रकारों की हत्याएं लोकतंत्र को कलंकित कर रही है। दुनियाभर में 2022 के पहले महीने में रिकॉर्ड 12 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है। वैश्विक मीडिया सुरक्षा और अधिकार निकाय प्रेस प्रतीक अभियान (पीईसी) ने मारे गए पत्रकारों के परिवारों को न्याय व मुआवजे की मांग की। पीईसी ने अफसोस जताया कि हाल ही में मेक्सिको में एक और पत्रकार की कायरता से हत्या कर दी गई। मारे गए पत्रकार 55 साल के रॉबर्टो टोलेडो हैं, जिनकी 31 जनवरी, 2022 को मिचोआकन के ज़िटाकुआरो नगर पालिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे मॉनिटर मिचोआकन न्यूज आउटलेट के लिए काम करते थे।

मेक्सिको में चार पत्रकार मारे जा चुके
टोलेडो मेक्सिको में एक महीने से भी कम समय में मारे गए चौथे पत्रकार हैं। अगर पत्रकारों की हत्याएं ऐसे ही होती रही तो हो सकता है कि काउंटी में प्रति सप्ताह एक पत्रकार की हत्या हो रही हो। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर दूसरे पाकिस्तानी पत्रकार की हत्या की भी निंदा की और पाकिस्तानी प्रधान मंत्री इमरान खान से कानून के तहत अपराधियों को दंडित करने का आग्रह किया। गौरतलब है कि गुलाम मुर्तजा शार (32),  उर्दू समाचार चैनल उम्मत से जुड़े थे। 30 जनवरी को पश्चिमी पाकिस्तान के सिंध प्रांत के झोल शहर में दोपहिया वाहन सवार दो हथियारबंद लोगों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पत्रकार हसनैन शाह भी उतार दिए गए थे मौत के घाट

इससे पहले लाहौर के पत्रकार हसनैन शाह की 24 जनवरी को शिमला पहाड़ी प्वाइंट में स्थानीय प्रेस क्लब के बाहर दो बाइक सवारों ने हत्या कर दी थी। शाह एक स्थानीय समाचार चैनल के लिए काम करने वाले एक प्रमुख क्राइम रिपोर्टर थे, दक्षिण एशियाई देशों के पत्रकारों ने बड़े पैमाने पर आक्रोश देखा और उनमें से हजारों लोगों ने सड़कों पर अपना गुस्सा दिखाया।

2022 का पहला महीना काफी निराशाजनक

2022 का पहला महीना निराशाजनक खबर लेकर आया है। इस महीने में बारह मीडियाकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मेक्सिको में चार लेखक (जोस लुइस गैंबोआ, मार्गारीटो मार्टिनेज, लूर्डेस माल्डोनाडो और रॉबर्टो टोलेडो) की हत्या हुई,  इसके बाद पाकिस्तान में हसनैन शाह और मुर्तजा शार।  हैती में अमाडी जॉन वेस्ले और विल्गुएन्स लुइसेंट, कजाकिस्तान में मुरातखान बाजारबायेव की हत्या की गई। म्यांमार में भी (पु तुई डिम) व होंडुरास में पाब्लो इसाबेल हर्नांडेज़ रिवेरा और फिलिप्पाइन्स में जेनार्ड एंजेल्स की निर्मम हत्या की गई।

2021 में 29 देशों में 79 पत्रकार मारे गए

पीईसी के महासचिव ब्लेज़ लेम्पेन ने कहा कि 2021 में 29 देशों में 79 पत्रकार मारे गए। पत्रकारों की आजादी छीनने में पहला नाम अफगानिस्तान का है। इसके बाद मैक्सिको में 10 पत्रकारों को मारा गया। पाकिस्तान भी पत्रकारों की हत्या में ज्यादा पीछे नहीं है। पाकिस्तान में 7,  भारत में 6, फिलीपींस में 4 पत्रकारों की हत्या की गई।

ओडिशा के लेखक रोहित बिस्वाल के निधन पर दुख जताया

ओडिशा प्रांत के कालाहांडी इलाके में वामपंथी विद्रोहियों द्वारा लगाए गए एक बारूदी सुरंग विस्फोट में एक होनहार भारतीय लेखक की मौत हो गई। पीईसी ने पत्रकार रोहित कुमार बिस्वाल के निधन पर शोक जताया। ज्ञात हो कि मदनपुर रामपुर क्षेत्र के मोहनगिरी गांव के मूल निवासी रोहित कुमार बिस्वाल (40) ने 5 फरवरी 2022 को खदान पर कदम रखा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रोहित एक उड़िया दैनिक (धरित्री) के लिए काम करता था और वह अति-वाम चरमपंथियों (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी से संबंधित) के पोस्टरों के बारे में रिपोर्ट करने गया थाजो लोगों से बहिष्कार करने के लिए कह रहे थे। ओडिशा सरकार के प्रमुख नवीन पटनायक ने रोहित की मौत पर दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार को 13 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। 

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