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पुलिस ने दुष्कर्म पीड़िता को सिखायाः आसाराम

An Indian Police Service (IPS) officer following an appeal challenging the conviction of self-styled godman Asaram Bapu in a rape case by the

संमग्र समाचार सेवा

जयपुर, 12 फरवरी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के एक मामले में स्वयंभू संत आसाराम बापू की दोष सिद्ध को चुनौती देने वाली एक अपील के बाद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी को तलब किया है। आसाराम ने अपनी याचिका में दावा किया है कि पीड़िता को पुलिस ने सिखाया पढ़ाया था और पुलिस के कहने पर ही वह बयान दे रही है। न्यायालय ने आईपीएस अधिकारी को अपने साक्ष्य दर्ज करने के लिए तलब किया है।

एक नाबालिग लड़की के साथ 2013 में दुष्कर्म

निचली अदालत ने जोधपुर के एक आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ 2013 में दुष्कर्म करने के आरोप में आसाराम को 2018 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जयपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल लांबा को अब सात मार्च को अदालत के गवाह के रूप में पेश होने के लिए कहा गया है। आसाराम के वकीलों की ओर से दायर एक याचिका के मुताबिक हो सकता है कि आईपीएस अधिकारी द्वारा की गई वीडियो रिकॉर्डिंग ने किशोरी की गवाही को प्रभावित किया हो।

आसाराम ने मामले पर दी यह दलील

आसाराम ने दलील दी है कि कथित अपराध स्थल- आसाराम के निजी क्वार्टर, ‘कुटिया’ का पीड़िता का ग्राफिक विवरण आईपीएस अधिकारी द्वारा उस जगह की उस समय की वीडियो रिकॉर्डिंग से प्रभावित हो सकता है, जब वह जोधपुर में कार्यरत थे।

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