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राज्‍यपाल ने बंगाल विस का सत्र किया स्थगित, टीएमसी नाखुश

Taking a big step, Governor Jagdeep Dhankhar on Saturday called off the state assembly session amidst clashes with the Bengal government

समग्र समाचार सेवा

कोलकाता 13 फरवरी। बंगाल सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर टकराव के बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को बड़ा कदम उठाते हुए राज्य विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (सत्रावसान) कर दिया। संसद या विधानसभा के एक सत्र को भंग किए बिना सत्रावसान किया जाता है। ममता बनर्जी नेतृत्व वाली सरकार से कई मुद्दों पर उलझ चुके धनखड़ ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने 12 फरवरी से विधानसभा का सत्रावसान किया है। धनखड़ ने ट्वीट किया, संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (2) के उप-खंड (ए) द्वारा मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं 12 फरवरी से पश्चिम बंगाल विधान सभा का सत्रावसान कर रहा हूं।

बजट सत्र की शुरुआत के लिए राज्यपाल से लेनी होगी अनुमित

दरअसल, इस आदेश का सीधा अर्थ है कि अब राज्य विधानसभा का सत्र बिना राज्यपाल की अनुमति या उनके अभिभाषण के बिना नहीं बुलाया जा सकता है। ममता सरकार को अब बजट सत्र की शुरुआत के लिए राज्यपाल से अनुमति लेनी होगी और इसकी शुरुआत उनकेअभिभाषण से ही होगी।

सरकार को कोर्ट में जाना चाहिएः राय

वहीं, इस घटनाक्रम पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने दावा किया कि राज्यपाल ने राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश पर यह निर्णय लिया है। इसमें कोई भ्रम नहीं है। हालांकि दूसरी तरफ राज्यपाल ने ट्वीट कर इस दावे का खंडन किया है। वहीं, कुणाल के बयान से पहले तृणमूल के वरिष्ठ सांसद व प्रवक्ता सौगत राय ने कहा कि यह अभूतपूर्व घटना है। राज्य सरकार को राज्यपाल के इस निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाना चाहिए।

भाजपा ने राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया

वहीं, इस फैसले का बचाव करते हुए बंगाल भाजपा अध्यक्ष डा सुकांत मजूमदार ने कहा, राज्यपाल के पास ऐसा करने का अधिकार है। उन्होंने अपनी शक्ति का इस्तेमाल किया है। ऐसा राज्य सरकार के कुशासन और प्रशासन द्वारा लगातार उठाए जा रहे अडिय़ल रुख के कारण किया गया है।

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