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कुशीनगर हादसा: गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम, कहा-मौतों के लिए एंबुलेंस जिम्मेदार

During the marriage ceremony in Naurangiya village of Nebua Naurangiya police station area of ​​Kushinagar district, 13 people died

समग्र समाचार सेवा

कुशीनगर, 17 फरवरी। कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना इलाके के नौरंगिया गांव में वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान बुधवार देर रात हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद लोगों ने एंबुलेंस को फोन मिलाया लेकिन एंबुलेंस जल्दी नहीं आई। घटना स्थल पर एंबुलेंस को आने में दो घंटे से अधिक का समय लग गया। इस दौरान 13 लोगों की मौत हो गई।

डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

इस बात से नाराज होकर ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह नेशनल हाईवे 28 बी को बंद कर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीण व परिजन समय पर एंबुलेंस नहीं आने और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर मुआवजे की मांग करने लगे। एक घंटे बाद सांसद विजय कुमार दुबे व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शेषनाथ यादव ने परिजनों को समझा बुझाकर लोगों का गुस्सा शांत करवाकर जाम को खत्म करवाया।

हल्दी की रस्म अदा में हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, नौरंगिया गांव के स्कूल टोला निवासी परमेश्वर कुशवाहा के बेटे अमित कुशवाहा के विवाह से पहले बुधवार देर रात हल्दी की रस्म अदा की जा रही थी। घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित कुएं के सामने मटकोड़ (विवाह के पहले की रस्म) का कार्यक्रम चल रहा था।  जिस कुएं के पास कार्यक्रम चल रहा था, उसे आरसीसी स्लैब बनाकर बंद किया गया था। रस्म के दौरान बड़ी संख्या में महिला, युवती व बच्चियां कुएं पर बने स्लैब पर जाकर खड़े हो गए।  स्लैब अचानक टूट गया और उसपर खड़ी महिला, युवतियां व बच्चियां कुएं में समा गईं। कुआं काफी गहरा है। पानी भी भरा था। इस घटना के बाद चीख-पुकार मच गई।

एंबुलेंस के पहुंचने में लगे 2 घंटे

आसपास के लोगों ने राहत-बचाव शुरू किया, साथ ही एंबुलेंस को बुलाने के लिए फोन मिलाया गया लेकिन उनके आने में दो घंटे से अधिक का समय लग गया। वहीं अंधेरा होने की वजह से स्थानीय लोगों को भी कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। इस बीच किसी व्यक्ति ने घटना की सूचना पुलिस को दी। दल-बल के साथ आए पुलिसकर्मियों ने राहत-बचाव कार्य तेज किया।  जिन लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया, उन सबको जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने परीक्षण किया और 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया। सबके शव जिला अस्पताल की मोर्चरी के पास रखें हैं। यह देखकर हर कोई रोने लगा। बताया जा रहा है कि इस कुएं को हादसे के डर से करीब 10 साल पहले स्लैब बनाकर पाट दिया था। अब स्लैब पर अधिक भीड़ होने की वजह से टूट गए जिससे यह दिल दहला देने वाला हादसा हो गया।

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