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मुलायम ने बेटे अखिलेश के लिए मांगे वोट

For the first time after the 2019 Lok Sabha elections, Samajwadi Party's founder and patron Mulayam Singh Yadav, after nearly

समग्र समाचार सेवा

मैनपुरी, 17 फरवरी। 2019 के लोकसभा चुनाव  के बाद पहली बार समाजवादी पार्टी के संस्थापक और संरक्षक मुलायम सिंह यादव करीब तीन साल बाद चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरे। उन्होंने गुरुवार को मैनपुरी की करहल सीट  से अपने बेटे और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए झोली भर-भरकर वोट मांगे। उन्होंने इस दौरान कहा कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के बाद किसान, व्यापारी और नौजवान को मदद दी जाएगी और ये ट्रिपल लेयर फॉर्मूला ही देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाएगी।

एसपी सिंह बघेल अखिलेश के सामने

करहल विधानसभा सीट से बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री और मुलायमके करीबी रहे एसपी सिंह बघेल को अखिलेश के खिलाफ मैदान में उतारा है। कहा जा रहा है कि बीजेपी ने बहुत सोची समझी रणनीति के साथ यह फैसला लिया है। बीजेपी का यही कहना है कि अब मुलायम सिंह को भी चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरना पड़ा है। मुलायम सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भीड़ देखकर उम्मीद है कि परिवर्तन होने वाला है।

सपा ही उम्मीदों को पूरा करेगी

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सपा की नीति किसानों को प्राथमिकता देने की है। हमारा कहना है कि खाद, बीज और सिंचाई का साधन उपलब्ध कराया जाए। पैदावार बढ़ेगी तो किसान की हालत सुधरेगी। हमारे नौजवान इतने पढ़े लिखे हैं, लेकिन आज बेरोजगारी है। उनकी नौकरी का इंतजाम होना चाहिए। मैं विश्वास दिलाता हूं सपा कि सरकार बनेगी तो नौजवानों की नौकरी का इंतजाम होगा। व्यापार नहीं है तो परिवार कैसे चलेगा। व्यापारियों को सुविधा दी जाए, ताकि वह किसानों की पैदावार खऱीदें और उन्हें लाभ पहुंचाएं।

अखिलेश ने पिता मुलायम की तारीफों में पढ़े कसीदे

इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी ने आज करहल में आकर चार चांद लगा दिये है। जिस धरती से नेताजी ने पढ़ाई की,  कुश्ती के दांव पेच सीखे और चरखा दांव से सबको पस्त किया, अब जीत सुनिश्चित हो चुकी है। लेकिन सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नेताजी के आने से रौनक बढ़ी है। नेताजी ने सपा को ऊंचाईयों पर पहुंचाया।

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