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केजरीवाल और सुखबीर को झटका, चुनाव आयोग ने दिए एफआईआर के आदेश

समग्र समाचार सेवा

चंडीगढ़20 फरवरी। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शनिवार को मोहाली में आम आदमी पार्टी  नेता अरविंद केजरीवाल और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का कथित तौर पर उल्लंघन करने को लेकर मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह निर्देश मतदान की पूर्व संध्या पर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने को लेकर आप और एसएडी की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ की गई शिकायत के बाद दिया है।

वीडियो मे चन्नीबादल और कैप्टन को बताया गया गद्दार

केजरीवाल के खिलाफ यह कार्रवाई आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर की गई है। शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक वीडियो सौंपा था, जिसमें पंजाब में इस बार झाड़ू (आप का चुनाव चिह्न) चलने की बात को गाने के तौर पर पेश किया गया है। इस वीडियो में चरणजीत सिंह चन्नी, सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए उन्हें गद्दार बताया गया है।

वीडियो का संज्ञान लेकर केजरीवाल पर एफआईआर का आदेश

इसी वीडियो का संज्ञान लेते हुए पंजाब के चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के ऊपर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अकाली दल प्रवक्ता अर्शदीप सिंह ने कहा कि एक पार्टी पंजाब में चुनाव लड़ रही है, जिसका काम है गुमराह करना और झूठ बोलना। इन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को भी नहीं बख्शा और उनके खिलाफ भी झूठ फैला रहे हैं।

पहले आरोप लगानाफिर मुकर जाना अब नहीं चलेगा

अर्शदीप ने कहा, ‘इन लोगों ने अकाली नेता विक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए, बाद में जब उन्होंने कोर्ट में घसीटा तो ये माफी मांगकर बच गए। पहले आरोप लगाना, फिर मुकर जाना और फिर माफी मांगकर बच जाना अब यह नहीं चलेगा…अकाली दल की सरकार में पंजाब में काफी विकास हुआ था, लेकिन पिछले पांच साल में कांग्रेस की सरकार में हम फिर पीछे चले गए।’

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल भी फंसे

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि नाव प्रचार बंद होने की अवधि में बादल ने अपने फेसबुक पेज पर वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें मतदाताओं को भ्रमित करने और अवांछित तरीके से प्रभावित करने की मंशा है। पार्टी ने इसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-126 क उल्लंघन करने का आरोप लगाया। मोहाली जिला निर्वाचन अधिकारी और एसएसपी को लिखे पत्र में पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा कि आठ जनवरी से लागू आदर्श आचार संहिता के चलते, ‘‘कोई भी पार्टी किसी विशेष नेता को निशाना बनाने के लिए इंटरनेट के प्रचलित हैंडल पर आपत्तिजनक वीडियो नहीं डाल सकती।’ कार्यालय ने कहा कि वीडियो क्लिप को राज्य स्तरीय एमसएमसी (मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति) से मंजूरी नहीं मिली है।

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