Site icon Samagra Bharat News website

सड़कों पर बगैर पुलिस कर्मियों के बैरिकेड्स क्यों, केंद्र और दिल्ली पुलिस को हाईकोर्ट का नोटिस

capital Delhi and the inconvenience caused to the people, the Delhi High Court on Tuesday took a tough stand.

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली22 फरवरी। राजधानी दिल्ली में पुलिस कर्मियों के बगैर ही सड़कों पर बैरिकेड लगाए जाने और इससे लोगों को रही परेशानी को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने इसे गंगीरता से लेते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाई कोर्ट ने सरकार और पुलिस कमिश्नर को यह बताने के लिए कहा है कि सड़कों पर बगैर पुलिस कर्मियों के बैरिकेड्स क्यों लगाए जा रहे हैं।

मामले पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

जस्टिस विपिन सांघी और जसमीत सिंह की बेंच ने ओम प्रकाश गोयल की ओर से भेजे गए पत्र पर स्वत: संज्ञान लेकर यह मामला शुरू किया है। बेंच ने मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार, नगर निगम और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी करते हुए जवाब देने को कहा है। बेंच ने सभी पक्षकारों को मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल से पहले जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से बैरिकेड्स लगाने के लिए क्या प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं, इस बारे में भी जानकारी देने को कहा है।

बैरिकेडिंग किए जाने से लोगों को हो रही परेशानियों को दूर करने की गुहार

दिसंबर, 2021 में दिल्ली प्रादेशिक अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष ओम प्रकाश गोयल ने पत्र भेजकर राजधानी में मानवरहित बैरिकेड्स से लोगों को रही परेशानियों से बेंच को अवगत कराया था। प्रधानमंत्री को संबोधित इस पत्र में गोयल ने कालकाजी और सीआर पार्क थाने में जगह-जगह पर बगैर पुलिस कर्मियों के सड़कों पर बैरिकेडिंग किए जाने से लोगों को हो रही परेशानियों को दूर करने की गुहार लगाई है। पत्र में कहा गया है कि इससे किसी तरह का मकसद पूरा होने के बजाय राजधानी में यातायात जाम की समस्या पैदा होती है और प्रदूषण भी बढ़ता है।

Exit mobile version