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चंडीगढ़ में 36 घंटे का ब्लैकआउट, बिजली-पानी की सप्लाई बंद, अस्पतालों में सर्जरी भी टली

After a three-day strike by the electricity department employees, darkness fell in most parts of Chandigarh. Large parts of the city

समग्र समाचार सेवा

चंडीगढ़, 23 फरवरी। बिजली विभाग के कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के बाद चंडीगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अंधेरा छा गया। बिजली गुल होने से शहर के बड़े हिस्से में 36 घंटे से अधिक समय से बिजली और पानी नहीं है। सोमवार शाम से हजारों घरों में बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक लाइटें काम नहीं कर रही हैं। सरकारी अस्पतालों ने सर्जरी को फिलहाल टाल दिया है।

जनरेटर पर अस्पताल का 100 प्रतिशत भार नहीं डाला जा सकता

चंडीगढ़ स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ सुमन सिंह ने कहा, “हमारे पास जनरेटर का बैकअप है। लेकिन आप एक जनरेटर पर अस्पताल का 100 प्रतिशत भार नहीं डाल सकते हैं। इसलिएहमें अपनी नियोजित सर्जरी को फिलहाल टालना पड़ा।” आपको बता दें कि बिजली कटौती ने ऑनलाइन कक्षाएं और कोचिंग संस्थान भी बंद कर दिए हैं।

निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारी

बिजली विभाग के निजीकरण का बिजली कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश के सलाहकार धर्मपाल ने बिजली कर्मचारी संघ के साथ बैठक कर हड़ताल खत्म करने के लिए राजी कियालेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को डर है कि निजीकरण से उनकी सेवा शर्तों में बदलाव आएगा और बिजली दरों में बढ़ोतरी होगी।

बिजली विभाग की हड़ताल पर छह माह की रोक

मंगलवार शाम को चंडीगढ़ प्रशासन ने बिजली विभाग की हड़ताल पर छह माह के लिए रोक लगाते हुए मंगलवार शाम आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम लागू कर दिया। चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने बिजली आपूर्ति बनाए रखने की व्यवस्था की थीलेकिन शहर के कई इलाकों के निवासियों और व्यापारियों ने बिजली गुल होने की शिकायत की। बिजली कटौती ने शहर की कुछ इकाइयों में औद्योगिक उत्पादन को भी प्रभावित किया है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले पर किया हस्तक्षेप

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कल हस्तक्षेप करते हुए बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य अभियंता को तलब किया है। हाईकोर्ट के जस्टिस अजय तिवारी और पंकज जैन ने मुख्य अभियंता को चंडीगढ़ में बिजली संकट को कम करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी देने का निर्देश दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा, “यह हमारे संज्ञान में लाया गया है कि चंडीगढ़ शहर के बड़े हिस्से में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है। इन परिस्थितियों में हम इस मामले को न्यायिक पक्ष में उठाने के लिए विवश हैं और इसके परिणामस्वरूप वरिष्ठ स्थायी वकील से अनुरोध किया है। शहर के निवासियों को अनुचित कठिनाई न हो इसके लिए उठाए गए जरूरी कदम के बारे में कोर्ट को अवगत कराएं।

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