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 सरकारी चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट से 141 बच्चे लापता, कर्नाटक सरकार को नोटिस     

The Karnataka High Court on Tuesday directed the state government to submit within two weeks a report of the probe conducted to

समग्र समाचार सेवा

बेंगलुरु, 24 फरवरी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सरकारी स्वामित्व वाले चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट से लापता 141 बच्चों का पता लगाने के लिए की गई जांच की एक रिपोर्ट दो सप्ताह के समय में रिकॉर्ड में रखे। चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने राजन्ना के सी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए कहा, “एजीए को मामले में निर्देश लेने और 141 लापता बच्चों का पता लगाने के लिए की गई जांच की रिपोर्ट को रिकॉर्ड करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया।

बच्चों के माता-पिता अनपढ़, न्याय तक पहुंच नहीं

याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता उमापति एस ने कहा कि हालांकि इंस्टीट्यूट से बच्चों के लापता होने पर अपराध दर्ज किए गए हैं, लेकिन बच्चों का पता लगाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। याचिका में कहा गया कि चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट्स से बच्चों का गायब होना सरकार की एक गंभीर चूक है। यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मिली। याचिका में दावा किया गया कि इन लापता बच्चों के माता-पिता में से ज्यादातर अज्ञानी, गरीब और अनपढ़ हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके बच्चे लापता हैं। उनके पास न्याय तक पहुंच नहीं है और वे अदालतों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।

2015 से अक्टूबर2021 के बीच 474 बच्चे लापता

याचिका में यह भी कहा गया कि आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, अक्टूबर, 2015 से अक्टूबर, 2021 के बीच लगभग 474 बच्चे सरकारी स्वामित्व वाले इंस्टीट्यूट से गायब थे और उनमें से 141 का अभी भी राज्य भर में पुलिस द्वारा पता लगाया जाना बाकी है। यह भी दावा किया गया कि जांच एजेंसियां बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत संघ के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित अनिवार्य मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रही हैं। इसके अलावा, इन लापता बच्चों का बाहर शोषण किया जा सकता है और कई अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

जल्द लापता बच्चों को पता लगाने के निर्देश

याचिका में उत्तरदाताओं को जल्द से जल्द लापता बच्चों का पता लगाने के निर्देश दिए जाने की प्रार्थना की गई। साथ ही लापता बच्चों को खोजने में नाकाम जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू करने की प्रार्थना की गई। इसके अलावा, उत्तरदाताओं को सभी पुलिस स्टेशनों पर विशेष बाल पुलिस इकाइयां स्थापित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया।

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