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आर-पार की लड़ाई जारी, रूस ने प्रतिबंधित हथियार वैक्यूम बम फेंका, यूक्रेन का दावा

On the Russian side, the attacks have been intensified by siege of the Ukrainian capital Kyiv. Meanwhile, Russia has been accused by Ukraine

समग्र समाचार सेवा

कीव/वॉशिंगटन, 1 मार्च। रूस की ओर से यूक्रेन की राजधानी कीव की घेरेबंदी कर हमले तेज कर दिए गए हैं। इस बीच यूक्रेन की ओर से रूस पर आरोप लगाया गया है कि उसने वैक्यूम बमों का इस्तेमाल किया है। अमेरिका में यूक्रेन के राजदूत ने आरोप लगाया कि रूस की ओर से प्रतिबंधित हथियार का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूक्रेन ने कहा कि सोमवार को कई रिहायशी इलाकों में भी रूस ने इसका इस्तेमाल किया है।

पुतिन ने न्यूक्लियर बम के इस्तेमाल की भी धमकी दी थी

पिछले दिनों व्लादिमीर पुतिन ने जंग में न्यूक्लियर बम के इस्तेमाल की भी धमकी दी थी। इस बीच वैक्यूम बम की चर्चा होने लगी है, जिसे न्यूक्लियर हथियारों के बाद दूसरा सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है। सीएनएन ने भी अपनी एक रिपोर्ट में रूसी सेना की ओर से थर्मोबारिक मल्टिपल रॉकेट लॉन्चर के इस्तेमाल करने का दावा किया है।  न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिका में यूक्रेनी राजदूत ओकसाना मारकारोवा के हवाले से  वैक्यूम बम के इस्तेमाल का दावा किया है।

वैक्यूम बम को थर्मोबारिक हथियार भी कहा जाता है

तकनीक में तेजी के बदलाव के साथ ही दुनिया में हथियार भी तेजी से अपडेट हो रहे हैं। वैक्यूम बम को थर्मोबारिक हथियार भी कहा जाता है। वैक्यूम बम के इस्तेमाल से हवा में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और इससे लोगों की जान चली जाती है। इसके जरिए बड़ी आसानी से दुश्मन को टारगेट किया जाता सकता है। इसे सेमी न्यूक्लियर वेपन भी कहा जा सकता है। इसके इस्तेमाल से गर्मी बढ़ जाती है और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे लोगों की आसानी से जान चली जाती है। लोगों का दम घुटने लगता है और एक बड़े इलाके में लोगों की मौत हो जाती है।

कैसे लोगों की जान ले लेता है वैक्यूम बम

वैक्यूम शब्द से ही साफ है कि इससे एक तरह की कमी हो जाती है। इसके इस्तेमाल से हवा में मेटल के कण फैल जाते हैं और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे लोगों का दम घुटने लगता है और उनके लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोग मरने की स्थिति में आ जाते हैं। फिर कुछ देर में इस बम का भीषण धमाका होता हैजिससे आसपास में आग लग जाती है। इन बमों का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। ऐसे में रूस ने यदि इन बमों का इस्तेमाल किया है तो यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों को उल्लंघन है। हालांकि अब तक इस बात के प्रमाण नहीं मिल पाए हैं कि रूस ने इस बम का इस्तेमाल किया है या नहीं।

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