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अपनी मांगों को लेकर देशभर के पत्रकार से 30 मार्च को जंतर-मंतर पर जुटेंगे

Regarding their demands, preparations are going on in full swing to gather journalists from across the country at Jantar Mantar on March 30.

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 1 मार्च। अपनी मांगों को लेकर देशभर के पत्रकार से 30 मार्च को जंतर-मंतर पर जुटने की तैयारियां जोरों से चल रही है। वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की दिल्ली यूनिट ने इस मुद्दे पर समीक्षा बैठक की और तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान देशभर के पत्रकारों से जंतर-मंतर पर पहुंचने की अपील की गई।

महाप्रदर्शन को मिल रहा समर्थन, जताया आभार

यूनियन ने देशभर के पत्रकारों के संगठनों के मिल रहे समर्थन पर आभार जताया। साथ ही उन्होंने देश के अन्य पत्रकार संगठनों से 30 मार्च के महाप्रदर्शन को अपना समर्थन देने की अपील की है। यूनियन का मानना है कि 30 मार्च का महाप्रदर्शन देश मे “मीडिया-क्रांति” की एक नई शुरुआत होगी। यूनियन ने पत्रकारों से 30 मार्च को “दिल्ली चलो” का आह्वान किया है।

मीक्षा बैठक की अध्यक्षता अनूप चौधरी ने की

यूनियन की बैठक की अध्य्क्षता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी ने की। इस अवसर पर वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया से नरेन्द्र भंडारी राष्ट्रीय महासचिव, संजय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संदीप शर्मा अध्यक्ष दिल्ली प्रांत, नरेंद्र भवन कोषाध्यक्ष, प्रमोद गोस्वामी उपाध्यक्ष, धर्मेन्द्र भदौरिया मीडिया सचिव, सुनील परिहार सचिव,  अशोक सक्सेना, लक्ष्मण इन्दोरिया, सरदार प्रितपाल सिंह ईश मलिक जितेंद्र चतुर्वेदी व कार्यकारिणी के सदस्य मौजबद रहे।

कम मेहनताना को लेकर जताई चिंता

राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय ने फ्रीलांसर्स पत्रकारों व फ्रीलांसर्स फोटो व वीडियो जर्नलिस्ट्स के प्रोफेशन में लगातार आ रही दिक्कतों पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि अब ज्यादातर मीडिया घराने फ्रीलांसर्स फ़ोटो व वीडियो जर्नलिस्ट्स से कार्य ले रहे हैं और उनके कार्य के भुगतान में अपनी मनमर्जी से काफी कम राशि देते हैं।

डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को मान्यता देने वाली गाइडलाइन्स पर जताई हैरानी

बैठक में यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव नरेन्द्र भंडारी ने सूचना व प्रसारण मंत्रालय के अधीन पीआईबी पत्रकारों को मान्यता देने की नई गाइडलाइन्स को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को मान्यता देने की नई गाइडलाइन्स से सिर्फ बड़े मीडिया घरानों के पत्रकारों को ही मान्यता मिलेगी। इसी तरह से डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को मान्यता देने की जो गाइडलाइन्स बनी है, वे तो काफी हैरान करने व चिंता में डालने वाली है।

यूनियन पत्रकारों की मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत रही व सड़कों पर उतरीः शर्मा

दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने यूनियन के बारे में बताया कि वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, वह राष्ट्रीय यूनियन है जिसने भारत की पहली मीडिया एंथम को लांच किया। साथ ही डिजिटल मीडिया को मान्यता दिलवाई। इसके साथ-साथ पत्रकारों को निशुल्क इन्शुरन्स कवर उपलब्ध करवाया। उन्होंने आगे कहा कि यह यूनियन पत्रकारों की मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत रही व सड़कों पर उतरी।

30 मार्च को इन मांगों को लेकर हो रहा प्रदर्शन

–    पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए

–     मीडिया आयोग का गठन किया जाए

–     प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को भंग करके जिला स्तर पर मीडिया कॉउंसिल बनाये जाए

–     पत्रकारों का नेशनल रजिस्टर बनाया जाए

–     गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिये उन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए

–     60 साल से ऊपर के पत्रकारों को 20 हजार रुपये की मासिक पेंशन दी जाए

–     पत्रकारों को केंद्रीय राशनिंग प्रणाली से जोड़ा जाए

–    देश मे ई-पेपर को मान्यता दी जाए

–     पत्रकारों को सरकारी मान्यता देने की नीति को सरल किया जाए व इसमें मीडिया समूह प्रबंधन की दखलंदाजी पर रोक लगायी जाए

–     पत्रकारों को रियायती दरों पर भूखंड आबंटित किये जायें, व उन्हें वहां पर अपने निवास के निर्माण के लिये, विशेष आर्थिक सुविधा उपलब्ध करवायी जाए

–     जिला स्तर पर प्रेस कल्ब व मीडिया सेन्टर बनाये जाए

–     महिला पत्रकारो के लिये, होस्टल बनाये जाए

–    पत्रकारों को सम्मानजनक इन्शुरन्स कवर उपलब्ध करवाया जाए

–    पत्रकार की आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहायता व परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए

–     पत्रकारों को सम्मानजनक ढंग से अपना कार्य करने देने हेतु एक विशेष प्रोत्साहन नीति बनायी जाए

–    मीडिया से जुड़े कानूनी मामलों के जल्द निपटारे के लिए, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनायी जाए

–     पत्रकारों के लिये एक हेल्पलाइन सेवा बनायी जाए

–     ब्रॉडकास्टर्स को सरकारी मान्यता दी जाए व उनका नियमितीकरण किया जाए

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