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आरंभ हैं प्रचंड….

– प्रशांत पोळ
यह राष्ट्रवाद की जीत हैं. एक नया विमर्श गढ़ने जा रहा हैं. आज तक जिस सच को राजनेताओं और मीडिया ने छिपा के रखा था, उसे विवेक अग्निहोत्री जी ने ‘द कश्मीर फाईल्स’ के माध्यम से अत्यंत प्रभावी तरीके से सामने लाया हैं.

‘कश्मीर फाईल्स’ हिट हैं. जबरदस्त हिट हैं. जिस – जिस थिएटर में लगी हैं, वे सभी थिएटर, सभी टॉकीज युवाओं से भरे पड़े हैं. इस देश में पहली बार राष्ट्रीय विचार बेबाक तरीके से स्क्रीन पर आ रहे हैं. टॉकीज से निकलने वाला लगभग हर एक व्यक्ति कह रहा हैं, “ये सब तो हमे मालूम ही नहीं था. आज तक किसी ने हमे बताया ही नहीं”.

अनेक विरोधों के कारण ‘कश्मीर फाईल्स’ पूरे देश में मात्र 630 स्क्रीन्स पर ही प्रदर्शित हो पाई हैं. किन्तु फिर भी इस मूवी का पहले दिन का कलेक्शन हैं – 4.25 करोड़ रुपये. दूसरे दिन, अर्थात शनिवार 12 मार्च का कलेक्शन 6 करोड़ रुपये रहने का अनुमान हैं. यह अद्भुत हैं. इसे इस प्रकार से समझा जा सकता हैं – नवंबर 21 में सलमान खान की मूवी प्रदर्शित हुई थी, ‘अंतिम’. यह देश में 3,200 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी. इस मूवी का पहले दिन का कलेक्शन था – 5.00 करोड़ रुपये. शाहरुख खान ने तो अपनी ‘जीरो’ नाम की मूवी देश और विदेश की 5,965 स्क्रीन्स पर प्रदर्शित की थी. इन सब की तुलना मे, मात्र 630 पर्दों पर प्रदर्शित होकर भी ‘कश्मीर फाईल्स’ इतिहास रच रही हैं.

यह कम लागत की मूवी हैं. लगभग 14 करोड़ रुपये इसकी लागत हैं. पहले हफ्ते में ही इसकी लागत वसूल होगी ऐसा दिख रहा हैं. यह महत्व का हैं. ‘राष्ट्रीय भावनाओं पर, राष्ट्रीय विचारों पर मूवी बनाना फायदेमंद हैं’, ऐसा चित्र सामने आया तो अनेक निर्माता दौड़ – दौड़ कर ऐसे विषयों पर मूवी बनाएंगे. राष्ट्रीय विमर्श को मजबूत बनाने में इसका निश्चित फायदा होगा. आज बॉलीवुड को ‘खान इंडस्ट्री’ कहा जाता हैं. इन खानों ने राष्ट्रीय विचारधारा की मूवी बनाने में विरोध तो किया ही हैं, साथ ही ऐसी कोई मूवी को प्रदर्शित करने में अनेक अडचने खड़ी की हैं.

‘कश्मीर फाईल्स’ ने सिनेमा जगत में एक नई धारा को प्रवाहित किया हैं. अब दमखम के साथ ऐसे अनेक मुद्दे, अनेक विषय पर्दे पर आएंगे. अब बॉलीवुड में राष्ट्रीय विचारधारा पर गर्व करने वाले कलाकार साहस के साथ सामने आएंगे. अब बहुत कुछ बदलेगा. जिसका आरंभ ही प्रचंड हैं, उसका परिणाम भी जबरदस्त होगा.
– प्रशांत पोळ

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