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मिसाइल मामले ने पकड़ा तूल: पाक ने तीन वायुसेना अफसरों को किया बर्खास्त!

समग्र समाचार सेवा

इस्लामाबाद, 15 मार्च। 9 मार्च को भारत की तरफ से गलती से फायर हुई मिसाइल पर पाकिस्तान में हंगामा जारी है। पाकिस्तान इसे लेकर नई मुश्किल में घिर गया है साथ ही इस घटना को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की जुगत में भी लगा है। यह सब ऐसे वक्त हो रहा है जब पाकिस्तान में सियासी पारा बेहद गर्म है और इमरान सरकार के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है। इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारतीय मिसाइल का वक्त रहते पता न लगाने के आरोप में एक एयरफोर्स कमांडर और दो एयर मार्शल्स को बर्खास्त कर दिया है।

पूर्व पाक राजनयिक ने चेताया

उधर, पूर्व राजनयिक इसे बेहद सतर्क भरी निगारों से देख रहे हैं। भारत में तैनात रहे पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने इसे लेकर पाकिस्तान को चेताया है। बासित ने कहा कि भारत को लेकर हमें वक्त रहते सतर्क हो जाना चाहिए।

दो दिन चुप क्यों रही एयरफोर्स

पाकिस्तान में सबसे ज्यादा सवाल इस बात पर उठ रहे हैं कि पाकिस्तान की एयरफोर्स इस घटना पर दो दिन बाद क्यों एक्शन में आई। मिसाइल फायर होते ही उसका डिटेक्शन क्यों नहीं किया जा सका। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक भी किए जाने की खबरें आई है जिनमें पाकिस्तानी सेना या एयरफोर्स के साथ ही सरकार पर भी सवाल उठाए जा रहे थे।

मिसाइल के गिरने से पाक में खलबली

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारतीय मिसाइल के पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में घुसने और 124 किलोमीटर अंदर मियां चुन्नू इलाके में गिरने के बाद पाकिस्तानी फौज में खलबली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरफोर्स के कमांडर और दो एयर मार्शल्स को बर्खास्त कर दिया गया है। पाक फौज की मीडिया विंग आईएसपीआर के अलावा अब तक किसी और की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सियासी फायदा लेने के लिए इमरान खान और उनके मंत्री इस मामले को लगातार तूल दे रहे हैं।

जर्मनी की विदेश मंत्री के समक्ष कुरैशी ने उठाया मिसाइल का मसला

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को कहा कि मिसाइल के बारे में भारत की व्याख्या ‘दुर्घटनावश चलाई जाना’ एक गंभीर मामला है, जिसे नई दिल्ली की ओर से पेश किए गए इस ‘सरलीकृत स्पष्टीकरण’ के साथ स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने एक बार फिर संयुक्त जांच के लिए दबाव बनाने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार कुरैशी ने यह टिप्पणी अपनी जर्मनी की समकक्ष एनालेना बारबॉक के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान की है। कुरैशी ने 9 मार्च को भारतीय मिसाइल द्वारा पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के बारे में बारबॉक को जानकारी दी।

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