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अतुल्य शक्ति सम्मान समारोह में शामिल हुई राज्यपाल अनुसुईया उइके

समग्र समाचार सेवा

रायपुर, 16 मार्च। यदि हम सार्वजनिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी के आंकड़ों को देखें तो पाएंगे कि महिलाएं हर क्षेत्र में सशक्त हुई हैं और उन्होंने अधिकाधिक संख्या में अपना स्थान सार्वजनिक क्षेत्र में बनाया है। पहले एक या दो राज्यों की गवर्नर ही महिलाएं होती थी, जबकि पिछले कुछ वर्षों में 29 राज्यों में से 8 राज्यों में महिला गवर्नर बनीं। इससे पता चलता है कि महिलाएं इन बरसों में कितनी सशक्त हुई हैं। यह बात राज्यपाल अनुसुईया उइके ने दुर्ग जिले के रुंगटा कॉलेज परिसर, भिलाई में आयोजित अतुल्य शक्ति सम्मान समारोह में कही।

महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी रही हैं

राज्यपाल ने इस मौके पर कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी रही हैं। बस्तर की एक बेटी तो एवरेस्ट पर फतह करने में भी सफल हुई है। उसकी शिखर सफलता बताती है कि महिलाएं किसी मोर्चे में पीछे नहीं। राजभवन के अपने अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि बीते दिनों एक दिव्यांग कलाकार उनसे मिलने आई। वो 65 वर्ष की हैं और कई वर्षों से व्हीलचेयर में है। इसके बावजूद उनके हौसले में कोई कमी नहीं है। मैंने उनके चित्र देखें इतनी खूबसूरत चित्र उन्होंने बनाए हैं। इससे मुझे लगा कि प्रतिभा और कौशल से हम हर बड़ी कठिनाई को पार कर सकते हैं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि हमारे श्लोकों में ”शक्ति रूपेण संस्थिता” का जिक्र आया है।

नारी को शक्ति कहा गया है तो नारी अपने आप में शक्ति ही है

नारी को शक्ति कहा गया है तो नारी अपने आप में शक्ति ही है, बस हमें यह करना है कि अपनी शक्तियों को पहचानना है। आप अपनी शक्तियों को पहचानिए, आप सार्वजनिक जीवन में हर संभव मुकाम हासिल कर पाएंगी। इसके साथ ही आप अपने साथ की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करिए। उन्हें मंजिल को प्राप्त करने में मदद कीजिए। महिलाओं के पास अपार शक्ति है। बस एक प्रेरणा और प्रोत्साहन की जरूरत है। यह प्रोत्साहन उन्हें परिवार से मिलेगा, समाज से मिलेगा तो उन्हें कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। राज्यपाल ने सार्वजनिक जीवन में काम कर रही महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सभी ने कड़ी मेहनत से अपना मुकाम बनाया है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जिसमें महिलाएं अपना हुनर नहीं दिखा सकती हो। इस मौके पर राज्यपाल ने विविध क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित भी किया।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक भी मौजूद रहीं

इस दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक भी मौजूद थी। उन्होंने कहा कि मुझे कभी नहीं लगा कि महिला को सशक्त करने की जरूरत है। महिला हमेशा से सशक्त रही है। बस उसे याद दिलाने की जरूरत है। इस दौरान भिलाई महापौर नीरज पाल, मुकेश चंद्राकर, संतोष रुंगटा, आई पी मिश्रा, गुंजन्स आयोजन की संचालिका गुंजन चंदेल सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे।

उइके ने कहा -सबसे बड़ा सुकून सेवा में, जीवन में सम्मान बहुत जरूरी

जीवन में सबसे बड़ा सुकून सेवा में है। आप जब लोगों की सेवा करते हैं स्वयं अपने भीतर आनंद का अनुभव करते हैं। यह एक तरह से स्वयं को भी बेहतर रखने का माध्यम है। यह बात राज्यपाल अनुसुइया उइके ने शाही दशहरा महिला उत्सव समिति द्वारा आयोजित “नारी तू नारायणी’ नारी शक्ति सम्मान के अवसर पर कही। इस मौके पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि जीवन में सम्मान बहुत जरूरी है। हमारा सम्मान हमारे अच्छे कार्यों से सुनिश्चित होता है।

सुख-दुख बांटने में मुझे बहुत खुशी का अनुभव होता है

राज्यपाल ने कहा कि सेवा का कार्य मुझे बहुत प्रिय है और लोगों से मिलकर उनके सुख-दुख बांटने में मुझे बहुत खुशी का अनुभव होता है।  मुझे तब बहुत अच्छा लगता है जब राजभवन में बहुत दूर से लोग मुझसे मिलने आते हैं। वे दंतेवाड़ा से आते हैं बस्तर से आते हैं सरगुजा से आते हैं और मैं उनके सुख दुख में अपने को बराबर का साझीदार पाती हूं। यह मेरे लिए राजभवन नहीं है यह मेरे लिए जन-जन भवन है। सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने वाली महिलाओं को अपने जैसी दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ाने की हमेशा कोशिश करनी चाहिए।

अपने अधिकारों के बारे में पूरा ज्ञान हो

महिलाएं पूरी तरह से सशक्त है एक बात उन्हें जरूर ध्यान में रखनी चाहिए कि उन्हें अपने अधिकारों के बारे में पूरा ज्ञान हो। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने अनेक कानून बनाए हैं उन कानूनों की भलीभांति जानकारी हो तो महिला और भी सशक्त होंगी। उइके ने कहा कि हमारा इतिहास और हमारा वर्तमान गवाह रहा है कि महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी रही हैं।

राज्यपाल ने शाही दशहरा उत्सव समिति के कार्यों की प्रशंसा भी की

शाही दशहरा उत्सव समिति के कार्यों की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आप लोगों ने कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए जो कार्य किया है वह प्रशंसनीय है। सेवा का कार्य हमेशा संतुष्टि देता है इस मौके पर समिति के पदाधिकारी राकेश पांडे ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से अधिक सशक्त है। वे हर संभव लक्ष्य प्राप्त कर सकती हैं। इस मौके पर राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना,  सांवलाराम डहरे, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे।

राज्यपाल से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष शहजादी ने की मुलाकात

राज्यपाल अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष सैयद शहजादी ने सौजन्य मुलाकात की। राज्यपाल ने शहजादी को शुभकामनाएं दी व छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा निर्मित स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट की। इस दौरान राज्यपाल उइके ने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और उनके लिए संचालित योजनाओं की जानकारी ली। आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष शहजादी ने राज्यपाल को अपने पदीय दायित्वों एवं कार्यों से अवगत कराया।

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