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 उप मुख्यमंत्री के लिए केशव प्रसाद मौर्य का नाम फाइनल, ब्रजेश पाठक के नाम पर भी विचार

समग्र समाचार सेवा

लखनऊ25 मार्च। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर रही भारतीय जनता पार्टी को योगी आदित्यनाथ के रूप में विधायक दल के नेता भी दोबारा मिला है। भाजपा का फोकस मिशन 2024 पर है, इसको देखते हुए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल 2.0 में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण के साथ पुरानी कैबिनेट में रहे विधायकों का सम्मान भी बरकरार रखा जाएगा। योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को शाम को चार बजे अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे।

चार दर्जन मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे

योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को करीब चार दर्जन मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे। इनमें दो उप मुख्यमंत्री भी हैं। एक पर तो केशव प्रसाद मौर्य का नाम फाइनल है, दूसरे पर डा. दिनेश शर्मा के बाद अब ब्रजेश पाठक का भी नाम आ गया है। ब्रजेश पाठक डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। ब्रजेश पाठक का कद बढ़ाया जा सकता है। भाजपा अब ब्राह्मणों की लीडरशिप में बदलाव करेगी। यह तो तय है कि डिप्टी सीएम दो ही रहेंगे।

योगी आदित्यनाथ का मंत्रिपरिषद 50 सदस्यीय होगा

मुख्यमंत्री समेत योगी आदित्यनाथ का मंत्रिपरिषद 50 सदस्यीय होगा। बीते दो-तीन दिन में जिन विधायकों का आरटीपीसीआर टेस्ट हुआ है, उनका मंत्री बनना तय है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में उनको ही मंच पर जाने की इजाजत होगी, जिनका कोरोना टेस्ट हुआ है। 45-50  विधायकों के साथअ 70 लोगों को मंच पर स्थान मिलेगा। इनमें राज्यपाल तथा मुख्य सचिव व डीजीपी के साथ पीएम की सुरक्षा में लगे कमांडो भी हैं।

शपथ ग्रहण से पहले किसी से भी नहीं मिलेंगे योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले योगी आदित्यनाथ किसी से भी नहीं मिलेंगे। कयास लगाए जा रहे थे कि आज जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने है, उनको मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर चाय पर बुलाया गया है। यहां पर किसी को चाय पर नहीं बुलाया गया है। सीएम आवास पर चाय पर चर्चा का कोई कार्यक्रम नहीं है। सीएम के सरकारी आवास से किसी विधायक या पूर्व मंत्री को चाय पर नहीं बुलाया गया है। आज शपथ ग्रहण के पहले मुख्यमंत्री किसी से नहीं मिलेंगे।

फिर लौटेंगे पुरानी कैबिनेट के दिग्गज

योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य, डा. धर्म सिंह सैनी और दारा सिंह चौहान को हटा दें तो ग्यारह मंत्री चुनाव हार गए हैं। केशव के अतिरिक्त किसी हारे मंत्री को दोबारा यह मौका दिए जाने की संभावना बहुत कम है, लेकिन कैबिनेट में रहे पुराने दिग्गजों की वापसी तय है। इनमें सतीश महाना, जयप्रताप सिंह, आशुतोष टंडन, श्रीकांत शर्मा, बृजेश पाठक, कपिल देव अग्रवाल, नंदगोपाल गुप्ता नंदी, जितिन प्रसाद आदि नाम हैं, जिन्हें पहले से अधिक महत्वपूर्ण विभाग दिए जा सकते हैं। बड़ी जीत, महिला, युवा और जातीय समीकरण सहित कई पैमाने योगी के नए मंत्रिमंडल के गठन का आधार बनेंगे। इनके साथ युवाओं में पंकज सिंह, नीरज बोरा, शलभमणि त्रिपाठी, अदिति सिंह, प्रकाश द्विवेदी जैसे नाम हो सकते हैं तो विपक्षी दिग्गजों को हराने वालों में राजेश चौधरी, केतकी सिंह, दयाशंकर सिंह जैसे नाम शामिल हैं। पिछली सरकार में विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए गए नितिन अग्रवाल अबकी मंत्री बनाए जा सकते हैं। अपना दल एस के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डा. संजय निषाद का भी इस बार कैबिनेट मंत्री बनना तय माना जा रहा है।

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