समग्र समाचार सेवा
रायपुर, 29 मार्च। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज रायपुर जिले के तिल्दा स्थित एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बी. डी. एस. पी. क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुई। इस दौरान राज्यपाल सुश्री उइके ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
उल्लेखनीय है कि एमिटी विश्वविद्यालय को व्यवसाय विकास सहायता प्रदाता नियुक्त किया गया है, जिसके तहत परिसर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्व सहायता समूह की 230 महिलाएं कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।
राज्यपाल सुश्री उइके ने अपने संबोधन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बहनों से कहा कि आप सभी सशक्त बनें और दूसरों के लिए मिसाल कायम करें। पिछले कुछ वर्षों में तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है तथा उद्यमी के रूप में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। एक समय था जब माना जाता था कि महिलाएं केवल सिलाई एवं बुनाई ही कर सकती है। लेकिन अब महिलाएं सभी क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं। आप सभी ने जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसको स्वयं तक सीमित न रखें बल्कि अन्य महिलाओं को भी जानकारी देकर प्रोत्साहित करें। उन्हें शासकीय योजनाओं के बारे में बताएं ताकि वे उसका लाभ लेकर आगे बढ़ पाएं। राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जनजाति बाहुल्य और असीम संभावनाओं वाले इस प्रदेश की महिलाओं का कौशल उन्नयन होगा और वे आर्थिक रूप से सक्षम होंगी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. विलियम्स सेल्वामूर्ति ने भी महिलाओं के प्रशिक्षण और विश्वविद्यालयीन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का उत्साह ही परिवर्तन का सूचक है। आपको जो प्रशिक्षण मिला है, वह आपके सपनों को जरूर पूरा करेगा। इस दौरान राज्यपाल सुश्री उइके को विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, बी.डी.एस.पी. कार्यक्रम संयोजक श्री सत्येन्द्र पटनायक सहित प्राध्यापक, विद्यार्थीगण और स्वसहायता समूह की प्रशिक्षु महिलाएं उपस्थित थी।