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कलेक्टरी के साथ मिला 68 हजार का बिजली बिल, अभी भी भरत यादव के नाम पर कनेक्शन

 समग्र समाचार सेवा

जबलपुर, 30 मार्च। जबलपुर के कलेक्टर बने इलैयाराजा टी को कुर्सी के साथ 68 हजार रुपए का कर्ज भी मिला है। दरअसल कलेक्टर बंगले का कनेक्शन अब भी पूर्व कलेक्टर भरत यादव के नाम पर है। ट्रांसफर से पहले उन्होंने बिजली बिल का पेमेंट कर दिया था। इसके बाद जिले की कमान संभालने वाले कर्मवीर शर्मा ने कनेक्शन अपने नाम ट्रांसफर ही नहीं कराए। 68 हजार रुपए का बिल बकाया छोड़कर वे चलते बने।

कर्मवीर शर्मा ने अपने दो साल के कार्यकाल में नियम-कायदे अपने हिसाब से चलाते रहे

जिले के कलेक्टर होने के नाते नियम-कायदा अपनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। कर्मवीर शर्मा ने अपने दो साल के कार्यकाल में नियम-कायदे अपने हिसाब से चलाते रहे। बंगले में रहते हुए उन्होंने बिजली तो खूब खर्च किया, लेकिन जेब से बिल के पैसे नहीं निकले। दो महीने पहले बकाया बिजली बिल के मामले ने तूल पकड़ा तो उन्होंने आनन-फानन में 41 हजार जमा करा दिए। इसके बाद फिर भूल गए। मार्च का बंगले का जो बिल आया है, उसमें 4 हजार रुपए मौजूदा और 68 हजार रुपए पुराना बकाया दर्शाया गया है।

कर्मवीर शर्मा जिले से ट्रांसफर होकर गए तो 68 हजार रुपए का बकाया छोड़कर गए

बिजली विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक कलेक्टर जबलपुर बंगले का बिजली बिल आखिरी बार दिसंबर 2021 में 41 हजार रुपए जमा हुआ था। इससे पहले दिसंबर 2019 में 15 हजार 285 रुपए जमा हुए थे। दो साल में महज 41 हजार रुपए ही जमा हुए। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा जिले से ट्रांसफर होकर गए तो 68 हजार रुपए का बकाया छोड़कर गए। मार्च में चार हजार का बिल और जुड़ गया।

अब कुल 72 हजार रुपए का बिल बकाया

अब 72 हजार रुपए का बिल बकाया है। वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होने के चलते बिजली विभाग भी बकाया जमा कराने की जुगत में है, लेकिन मामला जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक मुखिया से जुड़ा है। इस कारण वो भी कनेक्शन नहीं काट पा रहा। नियम के अनुसार शासन की ओर से कलेक्टर को बंगला अलॉट किया जाता है। बिजली कनेक्शन के लिए उसके नाम का मीटर लगता है। जब तक कलेक्टर उस जिले में पदस्थ रहता है, उसके नाम पर बिल आता है। पर कलेक्टर भरत यादव के ट्रांसफर के बाद इसका पालन नहीं हुआ।

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