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भारत को लुभाने की कोशिश, रूसी विदेश मंत्री से पहले बाइडेन ने भेजा अपना विशेष दूत

समग्र समाचार सेवा

कीव/नई दिल्ली/वाशिंगटन, 30 मार्च। रूस-यूक्रेन जंग का आज 35वां दिन है। इस दिन के साथ युद्ध विराम की उम्मीद भी जगी है। दरअसल, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को इस्तांबुल में मिले थे। यहां कीव और चर्नीहीव पर हमले कम करने को लेकर सहमति बनी। वार्ता के बाद पुतिन और जेलेंस्की के बीच सीधी मुलाकात की उम्मीद भी जगी है। यू्क्रेन पर अपने आक्रमण को सही साबित करने के लिए रूस की ओर से कूटनीतिक पहल शुरू हो गई है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई इन दिनों चीन के दो दिवसीय दौरे पर हैं। अब वह भारत भी आ सकते हैं।

बाईडेन के सलाहकार भी भारत दौरे पर

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शीर्ष सलाहकार दलीप सिंह दो दिवसीय भारत यात्रा पर आएंगे। व्हाइट हाउस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन के खिलाफ रूस की ओर से छेड़ी गई जंग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर वह अपने समकक्षों से बातचीत करेंगे।

गैस आपूर्ति के लिए जर्मनी ने सक्रिय किया इमरजेंसी प्लान

यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर लगे प्रतिबंधों से यूरोपीय देशों के लिए ही संकट खड़ा होता जा रहा है। प्रतिबंधों के कारण गैस आपूर्ति में समस्या आ रही है, वहीं रूस ने भी रूबल के बदले गैस की सप्लाई करने शर्त रख दी है। ऐसे में जर्मनी ने आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए आपातकालीन गैस योजना को सक्रिय किया है।

3.9 मिलियन यूक्रेनी शरणार्थी

संयुक्त राष्ट्र संघ के मुताबिक, यूक्रेन में रूसी आक्रमण के बाद 3.9 मिलियन यूक्रीन लोग दूसरे देशों में शरणार्थी हैं। वहीं 6.5 मिलियन यूक्रेनी लोग विस्थापित हो चुके हैं। एक तरफ रूस में यूक्रेन के कीव व चर्नीहीव में हमले कम करने का वादा किया है। लेकिन दूसरी तरह पूरे यूक्रेन में उसने बमबारी जारी रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कीव, जाइतोमिर, खारकीव देनिप्रो, पोल्टावा में कई जगह धमाकों की आवाज सुनाई दी।

पुतिन-जेलेंस्की में हो सकती है मुलाकात

इस्तांबुल में मंगलवार को दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात हुई थी। इसके बाद रूस-यूक्रेन युद्ध विराम की उम्मीद नजर आई है। खबरों की मानें तो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सीधी बातचीत हो सकती है।  जंग का आज 35वां दिन है। मंगलवार को रूस-यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के बीच इस्तांबुल में बातचीत हुई। इस दौरान रूस ने कीव और चर्नीहीव में सैन्य अभियान कम करने का एलान किया है।

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