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बच गए इमरान खान, बने रहेंगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, अविश्वास प्रस्ताव की नहीं मिली इजाजत

समग्र समाचार सेवा

इस्लामाबाद, 3 अप्रैल। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ी राहत मिली है। नेशनल असेंबली के सत्र को स्थगित कर दिया गया है। अध्यक्ष ने फैसला सुनाया कि अविश्वास मत एक विदेशी साजिश का हिस्सा था। उन्होंने वोटिंग की अनुमति नहीं दी। विपक्ष सदन में इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया और कहा कि यह लोकतंत्र के मूल अधिकारों के खिलाफ है। इससे पहले पीएम इमरान खान ने राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मुलाकात की थी। वहीं इमरान खान आज फिर पाकिस्तान की जनता को संबोधित करेंगे।

लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होने चाहिएः इमरान खान

इस बीच प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा, ‘लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होने चाहिए। मैं लोगों से चुनाव की तैयारी के लिए पाकिस्तान का आह्वान करता हूं। इससे पहले इमरान खान ने आरोप लगाया था कि उन्हें सत्ता से बेदखल करने का कदम एक विदेशी साजिश का परिणाम था। इसे नेशनल असेंबली के स्पीकर ने भी माना। अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करते हुए उन्होंने भी यही दलील दी।

पाकिस्तान के पीएम ने ये दिया था सुझाव

पाकिस्तान के पीएम ने सुझाव दिया था कि वह रविवार के वोट को स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “मैं कैसे परिणाम स्वीकार कर सकता हूंजब पूरी प्रक्रिया बदनाम हो?” इमरान खान ने शनिवार को कहा, “लोकतंत्र नैतिक अधिकार पर काम करता है। इस मिलीभगत के बाद कौन सा नैतिक अधिकार बचा है?”

अब तक क्या-क्या हुआ

आपको बता दें कि 8 मार्च को विपक्षी दलों ने पाकिस्तान नेशनल असेंबली सचिवालय के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश कियाजिसमें आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार देश में आर्थिक संकट और बढ़ती मुद्रास्फीति के लिए जिम्मेदार थी। 25 मार्च को विपक्षी सांसदों के जोरदार विरोध के बीच इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर पाकिस्तान नेशनल असेंबली का महत्वपूर्ण सत्र प्रस्ताव पेश किए बिना स्थगित कर दिया गया था।

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