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हिजाब और हलाल मीट विवाद के बीच कर्नाटक सीएम को भाजपा ने पढ़ाया पाठ, कहा-इनसे काम नहीं चलने वाला

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 9 अप्रैल। कर्नाटक में हलाल मीट और हिजाब जैसे विवादों के बीच केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व ने राज्य की बसवराज बोम्मई सरकार से साफ कहा है कि इस तरह के मुद्दों से कुछ वोट जरूर हासिल किए जा सकते हैं, लेकिन इससे काम नहीं चलने वाला। राज्य सरकार को विकास पर ध्यान देते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों पर काम करना होगा और बजट प्रस्तावों पर अमल में जुटना होगा। कर्नाटक में जल्दी चुनाव कराए जाने की संभावना को भी बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने खारिज कर दिया है।

राज्य नेत्तृव में बदलाव के संकेत

खबरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री बोम्मई की हालिया दो दिनी दिल्ली यात्रा के दौरान राज्य में कैबिनेट फेरबदल को हरी झंडी दे दी गई है। बीजेपी महासचिव व कर्नाटक प्रभारी अरुण सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आगामी कर्नाटक दौरे में इन बदलावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। कर्नाटक में मई 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन प्रदेश के कुछ नेता हिजाब और हलाल जैसे विवादों से बने माहौल का हवाला देकर इसी साल के आखिर में गुजरात और हिमाचल के साथ कर्नाटक में भी चुनाव कराने पर जोर दे रहे हैं।

भाजपा को अच्छा काम करके दिखाना होगा

केंद्रीय नेताओं का कहना था कि बोम्मई सरकार को फिलहाल गवर्नेंस पर ध्यान देना चाहिए। सिंचाई जैसे प्रोजेक्टों को आगे बढ़ाते हुए किसानों का भरोसा फिर से जीतने पर काम करना चाहिए। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले कर्नाटक के एक सांसद ने बताया कि केंद्रीय नेताओं ने सीएम से साफ कहा कि हिजाब और हलाल मीट जैसे विवादों से राज्य के कुछ हिस्सों में हिंदू वोट एकजुट करने में मदद मिल सकती है, लेकिन सत्ता में वापसी के लिए सरकार को अच्छा काम करके दिखाना होगा।

पीएम मोदी भी राज्य का दौरा कर सकते हैं

आने वाले दिनों में कर्नाटक सरकार विकास के कई कामों को रफ्तार दे सकती है। उद्घाटन और शिलान्यास के कई कार्यक्रम हो सकते हैं। पीएम मोदी भी राज्य का दौरा कर सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य सरकार को उत्तरी कर्नाटक पर खासतौर से ध्यान देने के लिए कहा है, जहां बीजेपी का प्रभुत्व है, लेकिन पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में कथित नाराजगी बढ़ रही है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि कई बीजेपी नेता पाला बदलने की फिराक में हैं। सूत्र बताते हैं कि बीएस येदियुरप्पा को सीएम पद से हटाए जाने के बाद पार्टी में ऐसे मतभेद गहरा रहे हैं।

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