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आजम के मीडिया प्रभारी का अखिलेश पर हमला, बोले- बुरे वक्त में सपा प्रमुख ने नहीं दिया साथ

समग्र समाचार सेवा

रामपुर, 11 अप्रैल। सीतापुर जेल में करीब ढाई साल से बंद शहर विधायक आजम खां के समर्थकों का रविवार को आखिरकार दर्द छलक ही उठा। सपा दफ्तर में रविवार को हुई बैठक में सपाइयों ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खां के बुरे वक्त में सपा मुखिया ने साथ नहीं निभाया। सपाइयों ने आजम खां को नेता प्रतिपक्ष न बनाए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। हालांकि जिलाध्यक्ष का कहना था कि कार्यकर्ताओं ने सपा मुखिया का विरोध नहीं किया बल्कि अपना दर्द बयां किया है।

शहर विधायक आजम खां इन दिनों सीतापुर की जेल में बंद

शहर विधायक आजम खां इन दिनों सीतापुर की जेल में बंद हैं। वह करीब ढाई साल से जेल में हैं। जेल में रहकर ही उन्होंने शहर विधायकी का चुनाव जीत लिया था। सपा समर्थक पहले दबी जुबां से सपा मुखिया पर आजम खां की पैरवी न करने का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन अब आखिरकार उनका दर्द छलक ही उठा। तोपखाना रोड स्थित सपा दफ्तर में रविवार को हुई बैठक में पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों की मौजूद रहे।

अखिलेश यादव की खामोशी पर गुस्सा दिखाया

इस दौरान सपा समर्थकों ने समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को कटघरे में खड़ा करते हुए दो साल से ज्यादा समय से सीतापुर जेल में बंद आजम खान के खिलाफ अखिलेश यादव की खामोशी पर गुस्सा दिखाया। वहीं आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खान शानू ने कहा कि आजम खां ने अखिलेश यादव और उनके पिता का समाजवादी पार्टी के बनने और मुख्यमंत्री बनने तक हर कदम पर साथ दिया। शानू ने तमाम अहसान गिनाए।

आजम खान को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाया

उन्होंने कहा फिर भी अखिलेश यादव ने आजम खान को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाया। इस दौरान सपाइयों ने अखिलेश पर एक सुर में आरोप लगाए। बैठक की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गोयल ने की। साथ ही नगराध्यक्ष आसिम राजा, एमएलसी प्रत्याशी मशकूर अहमद मुन्ना, महिला सभा जिलाध्यक्ष समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पार्टी या पार्टी मुखिया के खिलाफ कोई नहींगोयल

समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने बताया, किसी भी कार्यकर्ता ने सपा मुखिया के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला है। कार्यकर्ताओं ने अपना दर्द बयां किया है। घर में यदि किसी से शिकायत होती है तो उस पर चर्चा तो होती है। ऐसी कोई बात नहीं कही गई जो कि पार्टी या फिर पार्टी मुखिया के खिलाफ हो।

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