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उप्र में आसियाना बनाना पड़ेगा महंगा, 15 फीसदी तक बढ़े जमीन के दाम

समग्र समाचार सेवा

लखनऊ, 16 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में आम आदमी के लिए अपना घर बनाना अब और महंगा हो गया है। यहां आवास विकास परिषद ने जमीनों के रेट में 5 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। परिषद ने हालांकि फ्लैट की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की। जमीनों के बढ़े हुए दाम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। वहीं आवास विकास परिषद के इस कदम से माना जा रहा है कि दूसरे प्राधिकरण और निजी कंपनियां भी आने वाले दिनों में जमीन के दाम बढ़ा सकती हैं।

आवास विकास के इस कदम से पड़ेगा फर्क

आवास विकास के इस कदम से सबसे ज्यादा महंगी जमीन लखनऊ, गोंडा, वाराणसी, गोरखपुर और बाराबंकी की योजनाओं की हुई। परिषद ने वाराणसी की पांडेपुर योजना, गोरखपुर की बेतियाहाता दक्षिणी योजना, गोंडा की भरतपुर योजना, बाराबंकी की ओवरी योजना और लखनऊ की वृंदावन योजना में 15 फीसदी तक दाम बढ़ा दिया है।

यहां 10 फीसदी तक बढ़े जमीन के दाम

इसके अलावा बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बस्ती, गोरखपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, गोंडा, झांसी, बांदा में आवास विकास की जमीन की कीमत 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। वहीं जालौन, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, हाथरस, कासगंज, अलीगढ़, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर में भी जमीन के दाम 10 फ़ीसदी तक बढ़ गए हैं। इसके अलावा मुरादाबाद, रामपुर, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, लखीमपुर में भी 10 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि एक राहत की बात यह है कि फिलहाल कानपुर, फर्रुखाबाद, इटावा, बहराइच, औरैया, कन्नौज, बरेली में जमीन के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। पीलीभीत, संभल, अमरोहा, शाहजहांपुर, बिजनौर, हापुड़ और बागपत में भी दाम नहीं बढ़ाए गए।

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