Site icon Samagra Bharat News website

भारत में 8 सालों में गरीबी 12.3 फीसदी घटीः विश्व बैंक

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 17 अप्रैल। भारत में चरम गरीबी में 2011 की तुलना में 2019 में 12.3 प्रतिशत की कमी आई है। गरीबी का आंकड़ा 2011 में 22.5 फीसदी से घटकर 2019 में 10.2 फीसदी हो गया है। गरीबी में ग्रामीण क्षेत्रों में तुलनात्मक रूप से तेज गिरावट आई है। विश्व बैंक पॉलिसी रिसर्च के वर्किंग पेपर में यह जानकारी दी गई है।

भारत ने चरम गरीबी को लगभग समाप्त कर दिया

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से प्रकाशित वर्किंग पेपर में भी कहा गया था कि भारत ने चरम गरीबी को लगभग समाप्त कर दिया है। साथ ही राज्य की ओर से दिए जाने वाले खाद्य हैंडआउट्स के माध्यम से 40 वर्षों में उपभोग असमानता अपने निम्नतम स्तर पर है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी में ज्यादा आई कमी

शहरी भारत की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी में कमी अधिक आई है। ग्रामीण गरीबी 2011 में 26.3 फीसदी से घटकर 2019 में 11.6 फीसदी हो गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह गिरावट इसी अवधि के दौरान 14.2 फीसदी से घटकर 6.3 फीसदी हो गई। विश्व बैंक के वर्किंग पेपर में कहा गया है कि ग्रामीण और शहरी गरीबी में 2011-2019 के दौरान 14.7 और 7.9 प्रतिशत अंक की गिरावट आई है। भारत में गरीबी पिछले एक दशक में कम हुई है, लेकिन उतनी नहीं जितनी पहले सोचा गया था।

छोटे आकार की जोत वाले किसानों को भी लाभ हुआ

अध्ययन के अनुसार, छोटे आकार की जोत वाले किसानों ने उच्च आय वृद्धि का अनुभव किया है। इसमें कहा गया है, “सबसे छोटी जोत वाले किसानों के लिए वास्तविक आय में दो सर्वेक्षण दौर (2013 और 2019) के बीच वार्षिक रूप से 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि सबसे बड़ी जोत वाले किसानों के लिए 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।” विश्व बैंक का पेपर काफी अहम है, क्योंकि भारत के पास हाल की अवधि का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है। अंतिम व्यय सर्वेक्षण 2011 में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन  की ओर से जारी किया गया था, जब देश ने गरीबी और असमानता के आधिकारिक अनुमान भी जारी किए थे।

Exit mobile version