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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आस-पास नहीं आएगी लाउडस्पीकर की आवाज, लोगों में गुस्सा

समग्र समाचार सेवा

मथुरा, 21 अप्रैल। महाराष्ट्र से उठा लाउडस्पीकर विवाद यूपी तक पहुंच चुका है। प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर तनाव बढ़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी धर्म संप्रदाय के लोगों से आग्रह किया था कि वह लाउडस्पीकर की आवाज को नियंत्रित करें। इसका असर मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान पर देखने को मिला है। श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान के शिखर पर लगे लाउडस्‍पीकर की आवाज कम कर दी गई है। हालांकि लोगों में इसको लेकर गुस्सा भी है।

अब नियम के तहत बजेंगे लाउडस्पीकर

बुधवार को श्री कृष्ण जन्मस्थान की चोटी का लाउडस्पीकर सुबह न चलने से जगन्नाथ पुरी, पोतरा कुंड, मलपुरा, गोविन्द नगर और महाविद्या कालोनी आदि आस-पास के इलाके के नागरिक हैरान रह गए। उन्होंने जब जानकारी की तो पता चला कि जन्मस्थान ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री की अपील पर ये कदम सद्भाव बनाये रखने के लिए उठाया है। श्री कृष्ण जन्मस्थान से जुड़े लोगों ने बताया कि अब लाउडस्पीकर नियम के तहत बजेंगे। ताकि ध्वनि प्रदूषण न हो। मंदिर के अंदर स्पीकर पर जो भजन चलते हैं, वे कम आवाज में (जो मंदिर के अंदर ही रहें, बाहर ना जाए) चलाए जाएंगे।

साधु-संत समाज मान रहा अच्छी पहल

बता दें कि इस लाउडस्‍पीकर से रोज सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक मंगलाचरण आरती और विष्‍णु सहस्‍त्रनाम पाठ चलता था। हालांकि अब बाहर के लोगों को यह सुनाई नहीं देगा। वहीं, साधु-संत समाज इसे अच्छी पहल मान रहा है और उम्मीद कर रहा है कि सभी धर्मों के लोगों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की तरह पहल करनी चाहिये। ताकि समाज में सद्भावना का मैसेज जाए।

मथुरा शाही ईदगाह कमेटी के सचिव ने क्या कहा?

वहीं, मथुरा शाही ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद का कहना है कि सभी लोगों को अपने धर्म के अनुसार कार्य करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में गाइडलाइन के अनुसार ही अजान की जाती है।

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