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 दाऊद के करीबी माहिम और हाजी अली दरगाह के ट्रस्टी समेत तीन एनआईए हिरासत में

समग्र समाचार सेवा

मुंबई, 9 मई। भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबियों पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी, यानी एमआईए  ने रेड की है। एनआईए ने बोरिवली, सांताक्रूज, बांद्रा, नागपाड़ा, भिंडी बाजार, गोरेगांव, परेल, मुंब्रा और कोल्हापुर के 20 ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस दौरान मुंबई में कुछ तस्करों, हवाला ऑपरेटर्स, रियल एस्टेट कारोबारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसके दायरे में दाऊद का गुर्गा छोटा शकील, जावेद चिकना, टाइगर मेनन, इकबाल मिर्ची, दाऊद की बहन हसीना पारकर से जुड़े लोग और उसके रिश्तेदार शामिल हैं।

हिरासत में लिए गए लोगों से एमआईए करेगा पूछताछ

रेड के दौरान एनआईए ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए माहिम और हाजी अली दरगाह के ट्रस्टी सुहैल खंडवानी को कस्टडी में लिया है। सुहैल खंडवानी टचवुड रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक हैं। नवाब मलिक के बेटे फराज मलिक भी 2006-2016 तक उसी फर्म में निदेशक थे। इस कंपनी में फराज के अलावा, फारूक और जकारिया दरवेश भी पार्टनर हैं। एनआईए की टीम इनसे भी पूछताछ कर सकती है। फराज को छोड़कर सभी एसोसिएट हाई प्रेशर टेक्नोलॉजी के बोर्ड में भी हैं। 150 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के लिए सीबीआई द्वारा इस फर्म की भी जांच की जा रही है।

छोटा शकील का साला सलीम फ्रूट गिरफ्तार

इधर, एनआईए ने दाउद गैंग के नजदीकी और छोटा शकील के साले सलीम फ्रूट को अरेस्ट किया है। टीम ने सलीम के ठिकानों पर भी छापा मारा और उसे पूछताछ के लिए ले जा रही है। एनआईए को किसी बड़े नेता पर हमले का शक है। यह कार्रवाई सीक्रेट रखी गई थी, इसलिए शुरुआत में छापे से जुड़े फोटो-वीडियो नहीं मिल सके थे। एनआईए ने अब्दुल कयूम नाम के एक शख्स को भी हिरासत में लिया है।

जानिए कौन है सलीम फ्रूट

सलीम फ्रूट छोटा शकील का साला है। शकील अपने गुर्गों के जरिए एक्सटॉर्शन रैकेट चलाता है। सलीम फ्रूट को 2006 में यूएई  से भारत डिपोर्ट गया था और 2010 से जेल में बंद है। उसे वहीं से अरेस्ट किया गया। सलीम फ्रूट के अलावा दाऊद इब्राहिम के साले सऊद युसुफ तुंगेकर, दाऊद के छोटे भाई इकबाल कासकर के साथी खालिद उस्मान शेख और दाऊद की दिवंगत बहन हसीना पारकर के बेटे आलीशान पारकर का बयान भी दर्ज किया जा सकता है।

फरवरी में D-कंपनी के खिलाफ केस दर्ज हुआ

फरवरी में गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए  ने दाऊद इब्राहिम, डी कंपनी के खिलाफ अवैध वसूली का केस दर्ज किया था, उस मामले में ही यह छापेमारी चल रही है। आरोप है कि ये लोग एक्सटॉर्शन मनी का इस्तेमाल देश विरोधी कामों में करते हैं। एनआईए  ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, यानी यूएपीए  के तहत केस दर्ज किया है। इन सबका कनेक्शन 1993 मुंबई ब्लास्ट के आरोपी और भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम से बताया जा रहा है।

दाऊद पर है 25 मिलियन का इनाम

1993 ब्लास्ट के सबसे बड़े आरोपी दाऊद के खिलाफ 25 मिलियन डॉलर का इनाम है। उसकी ‘डी कंपनी’ को संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) ने बैन आतंकी संगठन घोषित किया है। दाऊद को 2003 में यूएन ने ग्लोबल आतंकी माना था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दाऊद साथियों के साथ पाकिस्तान में छिपा हुआ है। इसके पक्के सबूत मिले हैं। दाऊद 1993 में हुए बम धमाकों के बाद मुंबई छोड़कर भागा था। दिल्ली पुलिस ने उसका पिछला कॉल नवंबर 2016 में रिकॉर्ड किया था।

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