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शाहीन बाग मामले पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहां- पीड़ित पक्ष आएं अदालत

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 9 मई। दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में अतिक्रमण को हटाने के खिलाफ सीपीआई (एम) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि हम तभी सुनवाई करेंगे जब प्रभावित पक्ष अदालत में आएंगे। दिल्ली के शाहीन बाग में आज सुबह 11 बजे से अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ दक्षिण दिल्ली नगर निगम की कार्रवाई जारी है। एसडीएमसी द्वारा बुलडोजर लगातार इलाके से अतिक्रमण हटाने का काम कर रहा है।

आप विधायक भी विरोध में आए

एसडीएमसी द्वारा अतिक्रमण की कार्यवाई के खिलाफ ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान भी मौके पर पहुंचे हैं। वह बुलडोजर के आगे आकर कई बार कार्रवाई को रोकते भी दिखे। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के कई स्थानीय नेता भी आम लोगों के साथ सड़क पर उतर आए हैं। लोगों ने जाम लगाकर बुलडोजर चलाने का विरोध किया है।

आपव ने एमसीडी पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने आरोप लगाया कि एमसीडी “माहौल बिगाड़ने” के लिए अभियान चला रही है। खान ने कहा कि इलाके के लोगों ने उनके अनुरोध पर पहले ही अतिक्रमण हटा लिया था। उन्होंने कहा कि “वजू खाना’ और यहां की एक मस्जिद के बाहर शौचालय पहले पुलिस की मौजूदगी में हटा दिए गए थे। जब कोई अतिक्रमण नहीं है, तो वे यहां क्यों आए हैं? बस राजनीति करने की कोशिश की जा रही है।

जहांगीरपुरी हिंसा के बाद से शुरू हुआ सिलसिला

जहांगीरपुरी में राम नवमी के दिन हुई हिंसा के बाद से दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज है। वहीं हिंसा के बाद से एमसीडी ने वहां अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर से कार्रवाई की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वहां बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी थी। एमसीडी ने इसके बाद समूचे शहर में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। दिल्ली के कई इलाकों में सर्वे के बाद अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आज शाहीन बाग में भी ये कार्रवाई हो रही है जिसमें दिल्ली पुलिस के अलावा सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं।

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