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महामाया प्रसाद सिन्हा के आदर्शों को अपनाने की जरूरत :राजीव रंजन प्रसाद

समग्र समाचार सेवा

पटना, 16मई। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा है बिहार के पांचवे मुख्यमंत्री और पहले ग़ैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। देश को ऐसे ही ईमानदार व निःस्वार्थ लोगों की जरूरत है।
श्री प्रसाद ने आज जीकेसी की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव पर कायस्थ रत्न रणबांकुरों और अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद करने के सिलसिले में व्याख्यानमाला में महामाया प्रसाद सिन्हा के जीवन ,व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन और विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा महामाया बाबू बिहार की राजनीति में त्याग एव बलिदान की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कभी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया। जिसका परिणाम था कि उनकी सरकार चली गई। युवाओं और छात्रों को महामाया बाबु इतना प्यार करते थे कि वे सदैव उन्हें जिगर के टुकड़े कहा करते थे । अबतक की राजनीति में किसी राजनेता ने युवाओं और छात्रों को जिगर का टुकड़ा नहीं कहा, नहीं माना ।
प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन ने कहा, महामाया बाबु के अंदर एक जज्बा था जिसमें हमेशा वह युवाओं को लेकर चलना चाहते थे,लेकिन वर्तमान हालात और देश की गंदी राजनीति ने इस बुद्धिजीवी चित्रांश राजनेता को मात्र 1 साल तक ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहने दिया जबकि वह एक मिली जुली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में बिहार में सीएम बने थे और उनके फैसले लोग आज भी याद करते हैं ।
जीकेसी बिहार की प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद ने कहा, आज महामाया बाबू के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। देश को ऐसे ही ईमानदार व निःस्वार्थ लोगों की जरूरत है। कर्मठ व ईमानदार पुर्व मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा ने विकास के लिए कई एकड जमीन इन्होने सरकार के नाम कर दी और स्कुल, हॉस्पिटल आदी का निमार्ण किये।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह बिहार के प्रभारी दीपक कुमार अभिषेक ने कहा,महामाया बाबू ने देश की आजादी दिलाने में भी उन्होने अहम भुमिका निभाई थी। महामाया बाबू महान विभूति थे। उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके चलते बिहार की धरती हमेशा नमनीय है।
इस अवसर पर संजय सिन्हा ,राजेश सिन्हा संजू ,दिलीप सिन्हा ,नीलेश रंजन ,सुशील श्रीवास्तव ,संजय कुमार सिन्हा ,प्रियदर्शी हर्षवर्धन ,बलिराम ,रवि सिन्हा ,शैलेश कुमार ,सुशांत सिन्हा ,रंजीत सिन्हा ,पीयूष श्रीवास्तव, शुभम कुमार, चंदू प्रिंस, संजय कुमार सिन्हा, मनोज कुमार सिन्हा, प्रसुन श्रीवास्तवधनञ्जय प्रसाद भी उपस्थित थे

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