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केरल में टोमैटो फ्लू से संक्रमित मिले 80 बच्चे, जानें क्या हैं इसके लक्षण, कैसे करें बचाव

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28मई। केरल में बच्चों में एक खास प्रकार के बुखार के लक्षण देखने को मिले हैं. विशेषज्ञों ने इस खास तरह के बुखार को टोमैटो फ्लू नाम दिया है. इस बुखार की चपेट में अबतक 80 बच्चे आ चुके हैं. इस बुखार की चपेट में अधिकांश 5 साल से कम उम्र के बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. इसके इलाज के लिए कोई दवा भी उपलब्ध नहीं है.

क्या हैं लक्षण
विशेषज्ञों की मानें तो यह एक तरह का वायरल फ्लू है जो अधिकांशत: पांच साल से कम उम्र के बच्चों को निशाना बनाता है. इस बुखार के लक्षण में बच्चे की त्वचा पर चकते पड़ना, जलन होना, निर्जलीकरण शामिल है. वहीं अन्य लक्षणों में फ्लू से थकान, जोड़ों में दर्द, पेट में ऐंठन, उल्टी, दस्त, खांसी, छींक, नाक बहना, तेज बुखार, हाथ पैर की त्वचा का रंग बदलना शामिल है.

‘टोमैटो फ्लू’ के कारण?
अबतक इस बुखार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है. इस पर अभी रिसर्च जारी है. बस इतना पता चला है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों को ही यह अपनी चपेट में ले रहा है. यह फ्लू संक्रामक है. छाले के पानी, मल और तरल पदार्थ के सीधे संपर्क में आने से यह फैलता है.

क्या करें बचाव?
डॉक्टरों के मुताबिक टोमैटो फ्लू एक प्रकार का सेल्फ लिमिटिंग फ्लू है. इसका मतलब है कि अगर समय रहते मरीज की उचित देखभाल की जाए तो फ्लू के लक्षण को काबू किया जा सकता है. जरूरी है कि फ्लू से बचाने के लिए बच्चों को हाईड्रेट रखा जाए, संक्रमित बच्चों को गर्म पानी पिलाएं. रैशेज या खुजली करने से बच्चों को रोका जाए. साफ सफाई का ध्यान रखें. बच्चों को गर्म पानी करके ही नहलाएं. संक्रमित लोगों से उचित दूरी बनाए व किसी भी तरह की विपरीत स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें.

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