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जम्मू-कश्मीर में 177 कश्मीरी पंडित शिक्षकों का तबादला, टारगेटिंग हत्याओं के कारण लिया फैसला

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4जून। कश्मीरी पंडित कर्मचारी घाटी के बाहर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।
कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा लोगों को निशाना बनाकर की जा रही हत्याओं के बीच सरकार ने श्रीनगर में तैनात 177 कश्मीरी पंडित शिक्षकों को घाटी से बाहर स्थानांतरित कर दिया है।

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रशासन ने कश्मीरी पंडितों सहित अल्पसंख्यक समुदायों के सभी कर्मचारियों को घाटी के भीतर सुरक्षित स्थानों पर तैनात करना शुरू कर दिया था।

सूत्रो के मुताबिक जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कहा था कि वे अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों को कश्मीर से जम्मू स्थानांतरित करने की मांगों पर सहमत नहीं होंगे। उन्होंने कहा था कि अगर हम ऐसा करेंगे तो फिर, 1990 के दशक और अब में क्या अंतर होगा?

बता दें कि, प्रधानमंत्री पैकेज के तहत 2012 में नियुक्त किये गये करीब 6,000 कश्मीरी पंडित कर्मचारी सुरक्षा और घाटी के बाहर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और एक के बाद एक हत्याओं के कारण पलायन करने लगे हैं।

बृहस्पतिवार को दो अलग-अलग घटनाओं में कश्मीर में एक बैंककर्मी एवं ईंट भट्टा मजदूर की हत्या कर दी गयी जबकि एक अन्य मजदूर को घायल कर दिया गया। एक मई के बाद से कश्मीर में बैंककर्मी की हत्या नौंवी तथा श्रमिक की हत्या चुनिंदा ढंग से की गयी दसवीं हत्या थी।

मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों ने जम्मू क्षेत्र के सांबा जिले की एक अध्यापिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अठारह मई को उत्तरी कश्मीर के बारामूला में आतंकवादी शराब की एक दुकान में घुस गये थे और उन्होंने बम फेंककर जम्मू क्षेत्र के एक व्यक्ति को मार डाला था एवं तीन अन्य को घायल कर दिया था।

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