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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम को सौंपीं 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत निर्मित तीव्रगति की 12 रक्षक नौकाएं

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9जून। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 09 जून, 2022 को हाई फोंग में हांग हा शिपयार्ड की अपनी यात्रा के दौरान तीव्रगति की 12 रक्षक नौकाएं वियतनाम को सौंपीं। इन नौकाओं का निर्माण वियतनाम को भारत सरकार की 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत किया गया है। शुरुआत की पांच नौकाएं भारत में लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) शिपयार्ड में और सात अन्य नौकाएं हांग हा शिपयार्ड में बनाई गई थीं। इस समारोह के दौरान भारत और वियतनाम के वरिष्ठ सैन्य तथा असैन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का एक ज्वलंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि कोविड -19 महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद इस परियोजना का सफल समापन होना भारतीय रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के साथ-साथ हांग हा शिपयार्ड की प्रतिबद्धता एवं पेशेवर उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना भविष्य में भारत तथा वियतनाम के बीच कई और सहकारी रक्षा परियोजनाओं के लिए अग्रदूत साबित होगी।

श्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम को बढ़ते हुए सहयोग के माध्यम से भारत के रक्षा औद्योगिक परिवर्तन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय रक्षा उद्योग ने प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण के तहत अपनी क्षमताओं में काफी वृद्धि की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका उद्देश्य भारत को एक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए एक घरेलू रक्षा उद्योग का निर्माण करना है, जो न केवल हमारी जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं पर भी खरा उतरता है।

रक्षा मंत्री वियतनाम की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। श्री राजनाथ सिंह ने 08 जून, 2022 को हनोई में अपनी यात्रा के पहले दिन वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों रक्षा मंत्रियों द्वारा आपसी रक्षा सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से 2030 तक के लिए भारत और वियतनाम रक्षा सहयोग हेतु संयुक्‍त दृष्टिकोण पत्र पर हस्‍ताक्षर किये गए। दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी लॉजिस्टिक सहयोग में प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। रक्षा मंत्री ने वियतनाम के राष्ट्रपति श्री गुयेन जुआन फुक और प्रधानमंत्री श्री फाम मिन्ह चिन से भी मुलाकात की।

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