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जीतनराम मांझी और अनंत सिंह समेत इन 40 विधायकों ने छिपाई करोड़ों की संपत्ति, जल्द होगी कानूनी कार्रवाई

समग्र समाचार सेवा
पटना, 24जून। बिहार विधानसभा चुनाव में जीते 243 विधायकों में से 40 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी संपत्ति को लेकर गलत हलफनामा प्रस्तुत किया है. इनमें से 10 विधायकों द्वारा संपत्ति को लेकर दिए गए हलफनामें में बड़ी गड़बड़ी पाई गई है. इन विधायकों द्वारा पेश किए गए हलफनामें की तुलना में करोड़ों रुपये अधिक की संपत्ति मिली है. इन विधायकों में भाजपा, जदयू, राजद, हम और कांग्रेस के विधायक भी शामिल हैं. इन लोगों में एक नाम अनंत सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का भी है.

दरअसल यह बात आयकर विभाग की जांच में सामने आई है. चुनाव में जीते इन विधायकों की संपत्ति की जांच करने के बाद रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेज दी गई है. आयकर विभाग द्वारा जारी इस लिस्ट में 40 विधायकों के नाम हैं. इनमें से कई तो वर्तमान सरकार में मंत्री भी हैं. इन पर अंतिम रूप से कार्रवाई चुनाव आयोग को ही करना है. चुनाव आयोग द्वारा आदेश मिलने पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी.
वास्तविक संपत्ति को छिपाने और कम दिखाकर आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) दायर करने के आरोप में इन जनप्रतिनिधियों को मोटा जुर्माना देना पड़ सकता है. वहीं इन नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. बता दें कि संपत्ति की गलत जानकारी देने वाले में कई बाहुबली नेता भी शामिल हैं. मोकामा से राजद विधायक अनंत सिंह द्वारा जो हलफनामा चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गई है उनकी संपत्ति की जांच में करीब 20 रुपये अधिक की संपत्ति की जानकारी मिली है.
इस लिस्ट में पूर्व सीएम जीतन राम मांझी का भी नाम शामिल हैं. वहीं बेलागंज से विधायक सुरेंद्र प्रसाद यादव, दानापुर विधायक रीतलाल यादव, नवादा से चुनाव लड़े कौशल यादव भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

कुछ यूं छिपाई संपत्ति की जानकारी
जिन विधायकों ने अपनी संपत्ति की गलत जानकारी हलफनामें में दी है. जांच में उनकी संपत्ति में कई लेवल पर गड़बड़ी पाई गई है.जांच में सामने आया है कि इनके पास वास्तविक रूप से चल और अछल संपत्ति जितनी है, उसके रेट कम करके दिखाए गए हैं. यानी या तो कुछ संपत्तियों की जानकारी नहीं दी गई है या फिर जिन संपत्तियों की जानकारी दी गई है उसके दाम कम तय किए गए हैं. वहीं पत्नी, बच्चों के नाम दर्ज संपत्ति का जिक्र ही नहीं किया गया है.

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