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सरकार प्रमुख प्रशासनिक निर्णयों को लेकर आगे बढ़ रही है- डॉ. जितेंद्र सिंह

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2जुलाई। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज 10 महीने के 48वें लोक प्रशासन पर उन्नत पेशेवर कार्यक्रम (एपीपीपीए) के प्रतिभागी अधिकारियों से आम समाधान और बेहतर परिणाम प्रदान करने के लिए “संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण” के साथ काम करने की संस्कृति विकसित करने का आह्वाहन किया।

मंत्री, जो कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि आईआईपीए के एक अधिक एकीकृत, समग्र और समन्वित दृष्टिकोण इसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पहचान है, जिससे प्रतिभागियों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से लाभ मिलता है। इसके अलावा डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईआईपीए के नए कॉन्फ्रेंस हॉल का भी उद्घाटन भी किया।

केंद्रीय मंत्री ने आज नई दिल्ली में लोक प्रशासन पर उन्नत पेशेवर कार्यक्रम (एपीपीपीए) के 48वें संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का यह सौभाग्य है कि उसे श्री नरेन्द्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला है, जो नए विचारों के समर्थक, सोच में प्रगतिशील और बड़े पैमाने पर जनता के हित में निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने एपीपीपीए पाठ्यक्रम में बदलाव करके इसमें अन्य महत्वपूर्ण सरकारी पहलों के अलावा आत्मनिर्भर भारत व मिशन कर्मयोगी जैसे नए क्षेत्रों को शामिल किए जाने पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अलग रहकर काम करने का समय समाप्त हो गया है और देश के मंत्रालयों/विभागों के बीच बेहतर समन्वय व सामंजस्य की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे अधिकारियों को विभिन्न सामाजिक-आर्थिक योजनाओं को बेहतर ढंग से समझने और उनकी सराहना करने में सहायता मिलेगी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ को दोहराया और कहा कि सरकार फैसलों को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार के विभागों में लगभग 8,000 कर्मचारियों की सामूहिक पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद मई, 2014 के बाद से कार्य संस्कृति में बड़े और दिखने वाले बदलावों का उल्लेख किया। डॉ जितेंद्र सिंह ने कई पुराने फैसलों को रद्द करने जैसे कई लीक से हटकर लिए गए निर्णयों की ओर संकेत किया।

इसके अलावा उन्होंने ‘डीओपीटी की प्रशासन गांव की ओर’ पहल का भी उल्लेख किया, जो प्रशासन और सेवाओं को जमीनी स्तर पर कार्यान्वित करने के लिए जिला विकास सूचकांक कार्यक्रम पर आधारित है।

रक्षा बलों और लोक सेवाओं के कुल 37 अधिकारी 10 महीने की अवधि वाले 48वें एपीपीपीए में हिस्सा ले रहे हैं, जिसका समापन 28 अप्रैल, 2023 को होगा।

एपीपीपीए पाठ्यक्रम को 1975 में शुरू किया गया था। यह मध्य-स्तर के लोक सेवकों और रक्षा बलों के अधिकारियों के लिए डिजाइन किए गए मिडिल-करियर प्रशिक्षण खंड में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम था। इस पाठ्यक्रम में 1975 से अब तक लगभग 1600 अधिकारियों ने हिस्सा लिया है और यह आईआईपीए का प्रमुख कार्यक्रम रहा है।

एपीपीपीए मध्यम स्तर के अधिकारियों को अधिक जिम्मेदार नेतृत्व और निर्णय लेने की स्थिति को लेकर तैयार करने के लिए उपयोगी विभिन्न विषयों पर काम करता है। इसमें लोक प्रशासन, वित्त, डिजिटल शासन, साइबर सुरक्षा, कृषि अर्थशास्त्र, शहरी शासन व उपभोक्ता संरक्षण से लेकर पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन और सामाजिक प्रणालियों तक मॉड्यूल की एक व्यापक श्रृंखला शामिल है।

इस उद्घाटन समारोह में आईआईपीए के महानिदेशक एस एन त्रिपाठी, आईआईपीए के रजिस्ट्रार अमिताभ रंजन, पाठ्यक्रम निदेशक एन आलोक, सहायक पाठ्यक्रम निदेशक (एपीपीए) श्रीमती कुसुम लता, आईआईपीए के अधिकारी और 48वें एपीपीपीए पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1838771

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