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 फोन टैपिंग केस : सीबीआई ने NSE की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर के खिलाफ दर्ज की एफआईआर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8जुलाई। सीबीआई ने शेयर बाजार के कर्मचारियों की कथित अवैध फोन टैपिंग के मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे और एनएसई की पूर्व एमडी व सीईओ चित्रा रामकृष्ण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से शिकायत मिलने के बाद हुई है.

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे और एनएसई की पूर्व एमडी व सीईओ चित्रा रामकृष्णके अलावा, सीबीआई ने इस मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के एक अन्य पूर्व सीईओ व एमडी रवि नारायण को भी नामजद किया है.पांडे और रामकृष्ण फिलहाल को-लोकेशन घोटाले के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में हैं.

अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) पांडे के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, कोटा, लखनऊ, चंडीगढ़ और अन्य शहरों में 20 स्थानों पर छापेमारी कर रहा है.

सीबीआई ने बताया कि आरोप है कि कुछ अन्य कंपनियों के साथ एनएसई का सुरक्षा ऑडिट करने वाली आईसेक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने 2009 से 2017 के दौरान एनएसई कर्मचारियों के फोन अवैध रूप से टैप किए थे.

कंपनी ने उस समय के आसपास यह ऑडिट किया था, जब कथित तौर पर को-लोकेशन अनियमितताएं हुई थीं. मार्च 2001 में पांडे ने यह कंपनी खड़ी की थी और मई 2006 में उन्होंने इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद कंपनी का प्रभार उनके बेटे और मां ने ले लिया था.माना जाता है कि आईआईटी-कानपुर और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले पांडे ने सेवा से इस्तीफा देने के बाद यह कंपनी स्थापित की थी.हालांकि उनके इस्तीफे को राज्य सरकार ने स्वीकार नहीं किया था और वह दोबारा सेवा में शामिल हो गए थे.लेकिन उन्हें तत्काल कहीं तैनात नहीं किया गया था. पांडे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नीत एमवीए सरकार के दौरान मुंबई के पुलिस आयुक्त थे.

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