समग्र समाचार सेवा
चण्डीगढ़, 18 जुलाई। चण्डीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारत सरकार के अपर महासलिसिटर श्री सत्य पाल जैन ने कहा कि सर्व-धर्म सम्भाव का सिंद्धात भारतीय जीवन पद्धति, जीवन शैली एवं सामाजिक हस्ती का मूल मंत्र है, जिसके अनुसार सभी धर्मो को समान सम्मान देना है। श्री जैन ने कहा कि भारत की परम्परा सहयोग एवं सह-अस्तित्व की है, न की टकराव और अंधाधुंध विरोध की।
श्री जैन आज सांय सैक्टर 19 के कैथोलिक चर्च में ‘अन्तर-धार्मिक प्रार्थना और सांप्रदायिक समन्वय संगोष्ठी’के विषय पर मुख्य अतिथि के नाते बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में सभी धर्मो के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मो के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे, जिनमें श्री अर्नस मसीह, डां0 सुधीर कुमार, श्री अरविंद नोयल, सिस्टर मनीषा, श्री अनिल सरवाल, श्री गुरप्रीत सिंह और मुफती अनस भी शामिल थे।
पंजाब विश्वविद्यालय के नॉन पेंशनर्स का प्रतिनिधिमंडल सत्य पाल जैन से मिला
प्रतिनिधिमंडल ने श्री जैन से निवेदन किया कि पंजाब विश्वविद्यालय के नॉन पेंशनर्स का मुद्दा काफी देर से लंबित पड़ा है तथा मांग की कि इस मामले को तुरंत हल किया जाये ताकि सभी कर्मचारियों को पेंषन मिल सके।
श्री जैन ने प्रतिनिधिमंडल को बड़े ध्यान से सुना और उन्हें विश्वास दिलाया कि इस सम्बंध में पंजाब विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के चेयरमैन प्रो0 वेद प्रकाष उपाध्याय, प्रैजिडेंट श्री लाजपत राय, प्रो0 आषा मोदगिल, श्रीमति वेद कुमारी, श्री प्रकाष शर्मा, श्री महिन्द्र पाल, श्रीमति सरिता गुप्ता, श्री सोम प्रकाष, श्री काषी नाथ पाण्डेय, श्री तरलोक चंद, श्री वरिंदर कुमार, श्री एस.एस. बैंस, श्री सुभाष और एसोसिषन के अन्य सदस्य भी शामिल थे।