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भारत और यूनाइटेड किंगडम ने शैक्षणिक योग्यता की पारस्परिक मान्यता से संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22जुलाई। शैक्षणिक योग्यता की पारस्परिक मान्यता से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर आज यूनाइटेड किंगडम (यूके) के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग के स्थायी सचिव श्री जेम्स बॉलर और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में सचिव (उच्च शिक्षा) श्री के. संजय मूर्ति के बीच हस्ताक्षर किए गए।

मई 2021 में, भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों के बीच वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए 2030 तक का एक व्यापक रोडमैप अपनाया गया था। दोनों पक्ष एक नई संवर्धित व्यापारिक साझेदारी पर भी सहमत हुए थे। शिक्षा इस रोडमैप का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) के आलोक में, दोनों पक्ष शैक्षणिक योग्यता की पारस्परिक मान्यता के बारे में सहमत होकर शैक्षिक संबंधों के विस्तार के लिए राजी हुए।

यह हमारे द्विपक्षीय शैक्षिक संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से दोनों देशों के बीच छात्रों की आवाजाही आसान होगी और मजबूत संस्थागत सहयोग विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, दोनों देशों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग का दायरा व्यापक होगा।

भारत सरकार शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण, जोकि एनईपी 2020 के तहत ध्यान दिए जाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है, को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से दूसरे देशों के साथ अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अनुमति प्रदान करने के लिए कई कदम उठा रही है।

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