Site icon Samagra Bharat News website

सीएम चौहान ने विश्व की सबसे बड़ी ‘ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना’ के प्रथम चरण के अनुबंध हस्ताक्षर समारोह का किया शुभारंभ

समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 4अगस्त। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्‍ट्रीय सभागार (मिंटो हाल) में विश्व की सबसे बड़ी ‘ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना’ के प्रथम चरण (278 MW) का अनुबंध हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए।

भोपाल में आयोजित विश्व की सबसे बड़ी ‘ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना’ के प्रथम चरण के अनुबंध हस्ताक्षर समारोह का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलन एवं कन्यापूजन कर किया। वही ‘ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना’ के प्रथम चरण के अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा आंकलन मार्गदर्शिका का विमोचन किया।

यहां सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, आज हमारा एक सपना साकार हो रहा है। हमने सबसे पहले 750 मेगावॉट का सोलर पॉवर प्लांट लगाया था, लेकिन ओंकारेश्वर का सोलर पॉवर प्लांट अपने आप में अद्भुत है। इसकी सतह पर हम सोलर पैनल बिछाएंगे और उससे बिजली बनेगी। सीएम बोले- आज जिस सोलर पॉवर प्लांट का अनुबंध हस्ताक्षर पर हम समारोह कर रहे हैं। वह दुनिया का सबसे बड़ा है। जमीन की तुलना में पानी की सतह पर सोलर पैनर बिछाने पर बिजली का उत्पादन ज्यादा होता है।

आज मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि हमारा एक सपना साकार हो रहा है, एक संकल्प पूरा हो रहा है। ओंकारेश्वर का यह फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट अपने आप में अद्भुत है।

जिस सोलर पावर प्लांट का अनुबंध हस्ताक्षर समारोह हम कर रहे हैं वह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट है। फ्लोटिंग सोलर पैनल बिछाने के लिए जमीन की जरूरत ही नहीं है इसलिए विस्थापन भी शून्य है। सोलर पैनल बिछाने पर बिजली भी बनेगी और पानी भी बचेगा।

प्रधानमंत्री ने दुनिया को पंचामृत का मंत्र दिया है। वह एक विजनरी और वैश्विक लीडर हैं। इस सोलर पावर प्लांट से लगभग 12 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकता है। यह 1 करोड़ 92 लाख पेड़ लगाने के बराबर है।

भोपाल को 124 दिन पीने के जितने पानी की जरूरत होती है। उतना पानी हमारे इस प्लांट के कारण ओंकारेश्वर में बच जाएगा। प्लांट लगने से शैवाल जैसी वनस्पतियां कम उत्पन्न होंगी। इससे पानी पीने के लायक हो जाएगा।

Exit mobile version