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यह एक ऐतिहासिक अवसर है, जब भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास अपने राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी कानून हैं: अनुराग ठाकुर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4अगस्त। राज्यसभा ने बुधवार को राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी विधेयक, 2022 पारित किया। विधेयक, 17 दिसंबर, 2021 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसे 27 जुलाई, 2022 को पारित किया गया, जिसमें संसदीय स्थायी समिति और कुछ अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों / सिफारिशों के आधार पर प्रस्तावित कुछ आधिकारिक संशोधन किये गए थे। इसे 28 जुलाई, 2022 को राज्यसभा में पेश किया गया। इसके साथ ही, यह विधेयक संसद में पारित हो गया है। विधेयक पर चर्चा के बारे में एक उल्लेखनीय विशेषता यह थी कि सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने सर्वसम्मति से विधेयक का समर्थन किया।

विधेयक की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

• देश में खेलकूद में डोपिंग के निषेध और डोपिंग रोधी गतिविधियों को लागू करने के लिए कानून के रूप में वैधानिक रूपरेखा।

• प्रस्तावित विधेयक निम्न को पूरा करने का प्रयास करेगा: –

(i) डोपिंग-रोधी कार्य के लिए संस्थागत क्षमताओं का निर्माण और प्रमुख खेल आयोजनों की मेजबानी को सक्षम बनाना;

(ii) सभी खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा करना;

(iii) एथलीटों के लिए समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना;

(iv) खेलों में डोपिंग के खिलाफ मुकाबले के लिए एजेंसियों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना;

(v) स्वच्छ खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करना;

(vi) डोपिंग-रोधी फैसले के लिए स्वतंत्र व्यवस्था;

(vii) राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी एजेंसी (एनएडीए) और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) को कानूनी मान्यता प्रदान करना;

(viii) ज्यादा डोप परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना करना;

(ix) प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा करना;

(x) डोपिंग-रोधी से संबंधित शैक्षणिक अनुसंधान, विज्ञान और विनिर्माण के लिए अवसर पैदा करना; एवं

(xi) भारत में खेलों के लिए अतिरिक्त पोषक तत्वों के निर्माण के लिए मानक स्थापित करना।

 

केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है जब भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हुआ है, जिनके पास अपना राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी कानून है। इस कानून के बनने से दुनिया को एक मजबूत संदेश जाएगा कि भारत खेल, खिलाड़ियों और डोपिंग से निपटने को लेकर काफी गंभीर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नया कानून घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर, खेल स्पर्धाओं में भाग लेने और तैयारी करते समय सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह खेल के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती से स्थापित करता है।

सदन (राज्यसभा) में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए खेल मंत्री ने कहा कि नाडा ने तकनीक की मदद से शिक्षा और जागरूकता पैदा करने वाला डोपिंग-रोधी टूलकिट विकसित किया है। हम डोपिंग और उससे संबंधित पहलुओं के बारे में स्कूल स्तर पर जागरूकता पैदा करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। इस कानून के बनने से देश के भीतर डोपिंग-रोधी से संबंधित जागरूकता, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी। श्री अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि हमने एनडीटीएल की क्षमता को बढ़ाने का काम किया है, जो प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करेगी। यह विधेयक देश में और अधिक राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशालाओं (एनडीटीएल) की स्थापना का मार्ग तैयार करेगा।

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