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मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 27अगस्त। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हथियार लाइसेंस मामले में माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ के समक्ष अग्रिम जमानत पर बहस हुई. अभियुक्त की ओर से दलील दी गई कि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शूटर है, उसे अपने लाइसेंस पर सात असलाहों तक रखने का अधिकार है.

यह भी कहा गया कि शस्त्र लाइसेंस के दिल्ली में स्थानांतरित होने के संबंध में वहां के अधिकारियों द्वारा लखनऊ के जिलाधिकारी को पत्राचार किया गया था लिहाजा यह नहीं कहा जा सकता कि अभियुक्त ने शस्त्र लाइसेंस के स्थानांतरण की बात छिपाई.
वहीं अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए, राज्य सरकार की ओर से दलील दी गयी कि अभियुक्त के पास कुल आठ असलहे बरामद की गए थे, यही नहीं चार हजार से ज्यादा कारतूस भी बरामद की गए थे.

कहा गया कि जो असलहे व कारतूस बरामद किये गए थे, वे मेटल के थे और जिन्हें स्पोर्ट शूटिंग में प्रयोग नहीं किया जा सकता है, अभियुक्त ने इन असलहों को खरीदने के लिए एक ही लाइसेंस के दो यूआईडी का इस्तेमाल किया. कहा गया कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी है.

इससे पहले गुरुवार को एमपी-एमएलए अदालत के विशेष अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव ने लखनऊ से जारी असलहे का लाइसेंस बगैर सूचना दिए नई दिल्ली के पते पर स्थानांतरित कराने तथा एक ही लाइसेंस पर सात-सात असलहे खरीदने के मामले में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के खिलाफ फ़रारी की उद्घोषणा की नोटिस जारी करने का आदेश दिया था.

अदालत ने यह आदेश थाना महानगर की एक रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए दिया था. पूर्व विधायक मुख्तारी अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी, मऊ से विधायक है.

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