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अमृत काल के अगले 25 वर्ष भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए विशेष होंगे- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 27अगस्त। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को युवाओं से भारत को एक समृद्ध एवं विकसित राष्ट्र बनाने और एक ऐसा देश बनाने में योगदान करने का आह्वान किया जहां समृद्धि प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। उन्होंने उनसे भविष्य की चुनौतियों को स्वीकार करने और अपने लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। गोयल नई दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव ‘इंडिया@75: धोलावीरा टु नरेन्द्र मोदी’ को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री ने कहा कि अमृत काल के अगले 25 वर्ष भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए विशेष होंगे। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत के 75 वर्षों ने दमदार बुनियाद रखने में मदद की है और उसका फल हमें आने वाले वर्षों में मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह हमें इस बात पर चिंतन करने का अवसर देता है कि हम यहां कैसे पहुंचे और भविष्य में हम खुद को कहां देखना चाहते हैं।

गोयल ने कहा कि आज के आयोजन का विषय, इंडिया@75 – धोलावीरा टू नरेंद्र मोदी, हमें याद दिलाता है कि भारत के पास हजारों वर्षों की समृद्ध विरासत है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और हमारे देश में हजारों वर्ष पहले इसका प्रचलन था। उन्होंने कहा कि हमें जो समृद्ध विरासत मिली है वह हमारे पास बरकरार है। इससे अगले 25 वर्षों में हमें काफी मदद मिलेगी क्योंकि हम भारत @ 100 का जश्न मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

गोयल ने छात्रों को नए भारत का भविष्य बताते हुए उन्हें अपने आप पर भरोसा करने, अपने देश में विश्वास करने, उन सब में विश्वास करने जो अच्छा है और जो अच्छा नहीं है उसमें बदलाव लाने के लिए प्रयास करने आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर भारत के भविष्य में बदलाव ला सकते हैं और साथ मिलकर हम भारत के भविष्य की पटकथा तैयार करेंगे। नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए श्री गोयल ने छात्रों से वैज्ञानिक सोच विकसित करने और नवप्रवर्तक एवं उद्यमी बनने का आग्रह किया।

गोयल ने कहा कि पिछले 8 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार ने देश के प्रत्येक परिवार की सभी आवश्यक आवश्यकताओं को पूरा किया है। इस संदर्भ में उन्होंने पक्का घर उपलब्ध कराने, बिजली सुनिश्चित करने, रसोई गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन एवं अन्य सरकारी पहल के बारे में बताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में युवा छात्रों ने गायन, संगीत, नृत्य, रंगमंच, मार्शल आर्ट और मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन के जरिये हमारे देश की सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर वर्तमान दौर तक की कहानी प्रस्तुत की।

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