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गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: ‘ये बाबू बेटा कोई चुनाव नहीं जीत सकते’ कृष्णमूर्ति हूडा

 पवन कुमार बंसल।

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: ‘ये बाबू बेटा कोई चुनाव नहीं जीत सकते’ कृष्णमूर्ति हूडा

कृष्णमूर्ति को जहाज में बिठाया नहीं खुद बैठ गया , बैठ ही गया और बिठा लिया में
फर्क कोई भी बता देगा- भूपिंदर हूडा।

आजकल पूर्व मंत्री कृषणमुर्ति हूडा ने पूर्व चीफ मिनिस्टर भूपिंदर हूडा और उनके बेटे दीपेंदर के खिलाफ जबरदस्त अभियान छेड़ रखा है। कभी कहते है कि भूपिंदर के खिलाफ चुनाव लडूंगा। कभी कहते है की बाबू बेटे ने कांग्रेस का बिठा दिया है। कभी भजन लाल के करीब रहे कृष्णमूर्ति हूडा बाद में भूपिंदर हूडा के करीब आ गए थे।

वैसे भूपिंदर काफी दरियादिल है और जाट के स्वभाव से विपरीत अपने कट्टर दुश्मनो को भी गले लगा लेते है। कभी यह कृषणमुर्ति हूडा, दीपेंदर हूडा की तलाकशुदा पत्नी गीत ग्रेवाल को साथ लेकर हूडा के खिलाफ प्रचार करते थे।

एक बार कृषणमुर्ति हूडा, भूपिंदर हूडा के साथ जहाज में बैठ दिल्ली से रोहतक आए और यह बात भूपिंदर के समर्थको को पसंद नहीं आई कि इतना मुँह लगाना भी ठीक नहीं। रोहतक कैनाल रेस्ट हाउस में भूपिंदर समर्थको ने जब यह मामला उठाया तो भूपिंदर ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने इसे जहाज यानि हेलीकॉप्टर में नहीं बिठाया। अपने से बैठ ही गया। बैठ ही गया और बिठा लिया में फर्क कोई भी बता देगा।

असल में हुआ यह के कृष्णमूर्ति हूडा अपने आप ही हेलीकॉप्टर में बैठ गए और नरम स्वभाव के भूपिंदर मना नहीं कर सके।

यह किस्सा हरियाणा के राजनीती पर मेरी किताब गुस्ताखी माफ़ हरियाणा में पेज नंबर एक सो बीस पर बैठ गया था तो बिठा लिया हैडिंग से छपा है।

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