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जानिए कैसे करें कलश स्थापना के बाद चौकी की स्थापना

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 27सितंबर। मां दुर्गा को समर्पित पावन पर्व नवरात्रि हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस साल शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से प्रारंभ हो गए हैं, जो कि 4 अक्टूबर को समाप्त होंगे। 05 अक्टूबर को दशमी तिथि यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की अराधना की जाती है। मां शैलपुत्री के अलावा मां ब्रह्मचारिणी, मां चन्द्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री माता रानी के स्वरूप हैं। नवरात्रि में माता रानी की पूजा-अर्चना के लिए कलश स्थापना के बाद माता रानी की चौकी स्थापित की जाती है।

आप भी जान लें विधि-
1. सबसे पहले एक लकड़ी की चौकी को गंगाजल या स्वच्छ जल से धोकर पवित्र कर लें।
2. अब इसे साफ कपड़े से पोछकर लाल कपड़ा बिछाएं।
3. चौकी के दाएं ओर कलश रखें।
4. चौकी पर मां दुर्गा की फोटो या प्रतिमा स्थापित करें।
5. माता रानी को लाल रंग की चुनरी ओढ़ाएं।
6. धूप-दीपक आदि जलाकर मां दुर्गा की पूजा करें।
7. नौ दिनों तक जलने वाली अखंड ज्योति माता रानी के सामने जलाएं।
8. देवी मां को तिलक लगाएं।
9. मां दुर्गा को चूड़ी, वस्त्र, सिंदूर, कुमकुम, पुष्प, हल्दी, रोली, सुहाग का सामान अर्पित करें।
10. मां दु्र्गा को इत्र, फल और मिठाई अर्पित करें।
11. अब दुर्गा सप्तशती के पाठ देवी मां के स्तोत्र, सहस्रनाम आदि का पाठ करें।
12. मां दुर्गा की आरती उतारें।
13. अब वेदी पर बोए अनाज पर जल छिड़कें।
14. नवरात्रि के नौ दिन तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें। जौ पात्र में जल का छिड़काव करते रहें।

1- व्रत रखने वालों को दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए।

2 – नौ दिनों तक नाखून नहीं काटने चाहिए।

3- अगर अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन दिनों घर खाली छोड़कर नहीं जाएं।

4- खाने में प्याज, लहसुन और नॉन वेज न खाएं।

5- नौ दिन का व्रत रखने वालों को गंदे और बिना धुले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

6- व्रत रखने वालों को नौ दिन तक नींबू नहीं काटना चाहिए।

7 – व्रत में नौ दिनों तक खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।

8- विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय दिन में सोना निषेध है।

9 – फलाहार एक ही जगह पर बैठकर ग्रहण करें।

10.चालीसा, मंत्र या सप्तशती पढ़ रहे हैं तो पढ़ते हुए बीच में दूसरी बात बोलने या उठने की गलती कतई ना करें। इससे पाठ का फल नकारात्मक शक्तियां ले जाती हैं।

11. कई लोग भूख मिटाने के लिए तम्बाकू चबाते हैं यह गलती व्रत के दौरान बिलकुल ना करें। व्यसन से व्रत खंडित होता है।

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