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 कर्नाटक के लिंगायत संत ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट बरामद- उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का आरोप

समग्र समाचार सेवा
रामनगर, 25अक्टूबर। कर्नाटक के रामनगर में लिंगायत संत ने 24अक्टूबर को आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस घटना की जानकारी दी और बताया कि कंचुगल बंदेमठ के एक लिंगायत संत अपने मठ में मृत पाए गए हैं। संत की मौत की किस वजह से हुई इसका पता अभी नहीं चल सका है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि संत को ब्लैकमेल किया जा रहा था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

कुदुर पुलिस ने बताया कि संत का शव 24 अक्टूबर को मठ के पूजाघर में मिला है। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर लिया है। मृतक संत का नाम बसवलिंगेश्वर स्वामी था और वह कंचुगल मठ के प्रमुख संत थे। पुलिस स्वामी के पुराने रिकार्ड खंगाल रही है। पुलिस को संत का शव पंखे पर लगे फंदे से लटका मिला है।

पुलिस को संत के शव के पास से दो पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि सुसाइड पेज में उन्होंने कुछ लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। सुसाइड नोट में उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया गया है। सुसाइड नोट से ये भी पता चलता है कि कुछ लोग संत को मठ से हटाना चाह रहे थे। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।

जानकारी के मुताबिक, बसवलिंगेश्वर स्वामी बीते 25 सालों से कंचुगल मठ के मठाधीश थे। उन्होंने 1997 में इसकी जिम्मेदारी संभाली थी। बताया जा रहा है कि सोमवार को काफी देर तक बसवलिंगेश्वर ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। वह फोन का जवाब भी नहीं दे रहे थे। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर का नजारा देखकर हर कोई हैरान था। संत का शव पंखे में लगे फंदे से लटक रहा था। मामले की जानकारी फौरन पुलिस को दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

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