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यहां जानें भाई दूज, गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का शुभ संयोग

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26अक्टूबर। इस साल भाई दूज का पर्व बेहद शुभ संयोग में मनाया जाएगा क्यूंकि इस दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट भी है। पौराणिक कथाओं के अनुसार अपनी बहन यमुना के ​निवेदन पर यमराज कार्तिक शुक्ल द्वितीया को उनके घर गए थे। भाई को देखकर यमुना बहुत प्रसन्न हुई। स्वागत सत्कार करने के बाद उन्होंने यमराज को भोजन कराया। विदा लेते समय यम ने यमुना से वरदान मांगने को कहा, तब यमुना ने कहा कि आप हर साल इस दिन मेरे घर आएंगे और इस दिन जो भी भाई अपनी बहन के घर जाएगा, तिलक लगवाएगा, भोजन ग्रहण करेगा, उसे यम के भय से मुक्ति मिलेगी। उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। तब यमराज ने यमुना को यह वरदान दिया। तब से भाई दूज या यम द्वितीया का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन यम की पूजा करने और यमुना नदी में स्नान करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर यानि 26 अक्टूबर 2022 भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। भाई दूज 5 दिन के दीपोत्सव पर्व का आखिरी दिन होता है। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई को तिलक कर उनकी रक्षा, लंबी उम्र और उन्नति की कामना करती हैं। भाई उन्हें उपहार देते हैं। इस साल भाई दूज का पर्व बेहद शुभ संयोग में मनाया जाएगा, इस दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट भी है। भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के बीच अटटू प्रेम और पवित्रता रिश्तों को दर्शाता है। भाई दूज का मुहूर्त और विधि पाठकों के लिए यहाँ दी जा रही है।

भाई दूज 2022 मुहूर्त

कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि प्रारंभ – 26 अक्टूबर 2022, दोपहर 02:42

कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि समाप्त – 27 अक्टूबर 2022, दोपहर 12:45

भाई दूज पूजा मुहूर्त – 26 अक्टूबर 2022

दोपहर 01:18 – दोपहर 03:33

विजय मुहूर्त- दोपहर 02:03 – दोपहर 02:48

गोधूलि मुहूर्त – शाम 05:49 – शाम 06:14

भाई दूज पूजा विधि

भाई दूज वाले दिन यमुना नदी में स्नान का खास महत्व है। अगर ऐसा संभव न हो तो सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

इस दिन भाई के स्वागत के लिए बहनें तरह-तरह के पकवान बनाती हैं। पूजा की थाल तैयार कर लें।

भाई दूज की पूजा शुभ मुहूर्त में ही करें। सबसे पहले भाई को एक चौकी पर बिठाएं और फिर कुमकुम से तिलक कर अक्षत लगाएं। तिलक लगाते हुए ये मंत्र बोलें –‘गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्‍ण को, गंगा-यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े। तिलक करने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और यम देवता से भाई की लंबी आयु की कामना करें।

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