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खालिस्तानी आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार शार्पशूटरों को किया गिरफ्तार

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29अक्टूबर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गैंगस्टरों के खिलाफ जारी अभियान में पाकिस्तान के ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल के चार शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय लखविंदर सिंह उर्फ मटरू, 21 वर्षीय गुरजीत उर्फ गुरी, 26 वर्षीय हरमंदर सिंह और 28 वर्षीय सुखदेव सिंह उर्फ सुखा के रूप में हुई है. ये अपराधी कनाडा के गैंगस्टर से आतंकी बने लखबीर सिंह ‘लांडा’ और पाकिस्तान के खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह ‘रिंडा’ के इशारे पर काम कर रहे थे. रिंडा और लांडा दोनों का अंतिम उद्देश्य उन कार्यों को अंजाम देना है जिनसे पंजाब में आतंकवाद का पुनरुत्थान हो सके, जिसके लिए आईएसआई ने उन्हें चीनी हथगोले, एके-47 और एमपी -5 राइफल और चीन के पूर्व सेना स्टॉक स्टार पिस्तौल दी थी.

डीसीपी स्पेशल सेल मनीषी चंद्रा के मुताबिक, पहली गिरफ्तारी 24 सितंबर को हुई थी, जब दिल्ली के सराय काले खां से कट्टर अपराधी मटरू को पकड़ा गया था. उन्होंने कहा, उससे पूछताछ के बाद, 13 अक्टूबर को, गुरजीत उर्फ गुरी को दिल्ली के आईएसबीटी कश्मीरी गेट के पास से पकड़ लिया गया था. गुरी ने खुलासा किया कि हरमेंडर और सुखदेव सुखा दोनों ही लांडा और रिंडा के लिए सीमा पार के एक बड़े हिस्से की देखरेख कर रहे थे. डीसीपी ने कहा, हरमेंद्र और सुखदेव दोनों को 18 अक्टूबर को पंजाब के मोगा से गिरफ्तार किया गया था.

कुछ दिन पहले इसी सिंडिकेट के एक और खूंखार सदस्य दीपक उर्फ टीनू को राजस्थान के अजमेर से गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से पांच अत्यधिक विस्फोटक चीनी हथगोले मिले थे. इस बीच, गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि हरमिंदर और सुखा ने आईएसआई के इशारे पर सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद गिराने का समन्वय किया.

डीसीपी ने कहा, ड्रोन के जरिए गिराए गए एके, एमपी-5, ग्रेनेड और स्टार/बेरेटा पिस्तौल को जब्त कर लिया गया है, जबकि काफी मात्रा में अभी भी बरामद किया जाना बाकी है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हाइड्रा आईएसआई समर्थित रिंडा-लांडा नेटवर्क था. जबकि दोनों प्रतिद्वंद्वी आपराधिक समूह भारत में खूनी युद्ध लड़ रहे हैं, ये दोनों अपने हथियार और ड्रग्स रिंडा और लांडा से मंगवा रहे हैं.

इन प्रतिद्वंद्वी गिरोहों द्वारा न केवल हथियार बल्कि कई नए युवा अपराधियों का इस्तेमाल भाड़े के रूप में किया जा रहा है, जिनका किसी एक समूह से कोई संबंध नहीं है. अधिकारी ने कहा कि आईएसआई और आईएसआई समर्थित आतंकवादियों रिंडा और लांडा की बड़ी साजिश धार्मिक और सांप्रदायिक आधार पर लोगों के बीच अशांति पैदा करना है.

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