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गुस्ताखी माफ़ हरियाणा।

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा।
पवन कुमार बंसल।
अब हरियाणा सरकार ने अंतररास्ट्रीय ख्याति प्रापत सांगी धनपत सिंह की सूध ले ली है। धनपत सिंह की स्मृति में हरियाणा के उदीयमान सांगी को पुरस्कार से नवाजा जायेगा। चलो अच्छी बात है। मनोहर लाल का ध्यान , गीता महोत्सव के साथ -साथ इन गुमनाम कलाकारों की तरफ भी गया है। मनोहर जी आप रोहतक के अफसरों से कह कर कम से कम धनपत सिंह के पैतृक गांव निंदाना में लगे गौरव पट पर उनका नाम तो लिखवा दे।
धनपत सिंह के नाम पर पुरस्कार के लिए लोकसंपर्क विभाग ने आवेदन मांगे है।

आवेदक ने दस साल मर्यादित सांग किये हो , वो हरियाणा का हो और उसके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज न हो। एक लाख रुपए की राशि के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जायेगा।

मनोहर जी महृषि दयानद यूनिवर्सिटी रोहतक में हरियाणा के इन कलाकारों के नाम से एक चेयर स्थापित की जाए। गीता महोत्सव में यदि आप मामन खान का सारंगी वादन करवा देते तो स्वर्ग में बैठे भगवान कृष्ण भी खुश होते। चलो आपके आदेश पर हिसार के डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह मामन खान से मुलाक़ात कर आए है। नौजवान और ऊर्जावान डिप्टी कमिश्नर मामन खान को अपना मोबाइल नम्बर भी दे आए है। और उनको हर तरह की सहायता देने का आश्वाशन दे कर आये है।

मनोहर जी हरियाणा में ऐसे बहुत से नामी कलाकार है जिनका कही जीकर नहीं। आप खुद पता लगाए।

रोहतक में स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्रीराम शर्मा का निवास जहा उनकी प्रतिमा भी लगी है अब बंद पड़ा है। वो एक राष्ट्रीय धरोहर है। उसे सरकारी अनुदान से शुरू करवाए। श्रीराम शर्मा ने आज़ादी से काफी पहले झज्जर के टाउन हाल से अंग्रेज का झंडा उतार कर तिरंगा लहरा दिया था। अंग्रेज पुलिस ने उन्हें सबक सिखाने के लिए रसियो से बांधकर जीप से घसीट कर झज्जर की गलियों में घुमाया था। भले वक्तो में वो रोहतक से अख़बार भी निकालते थे।
उनके प्रशंसक अशोक दीक्षित के पास उनके बारे काफी सामग्री है। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक में श्रीराम शर्मा के नाम से एक चेयर स्थापित की जाए ताकि आने वाली पीडिया उनके जीवन से प्रेरणा ले सके। मुझे सौभाग्य है की मै बचपन में जब जींद से रोहतक अपने नाना स्वतंत्रता सेनानी और श्रीराम शर्मा के अभिन्न मित्र नागर मल के पास आता तो वो मुझे श्रीराम शर्मा के रोहतक में स्टेशन के साथ लगते आश्रम में लेकर जाते थे और वहा पंडित जी के दर्शन होते थे।

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